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बाघ खड़ा नीचे, आदमी टंगे रहे पेड़ पर

Tue, 09 Jul 2013 11:22 AM IST
Updated Tue, 09 Jul 2013 11:22 AM IST
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due to fear of tiger men hung on tree for three days

सुमात्रा में एक शावक की मौत से गुस्साए बाघों के डर से पांच लोग तीन दिन तक पेड़ पर टंगे रहे। इनके साथ का छठा व्यक्ति भूखे बाघों का शिकार बन गया।

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सुमात्रा पुलिस के अनुसार गुरुवार को कुछ लोगों ने गलती से बाघ के शावक को मार दिया।

इससे गुस्साए बाघों ने उन पर हमला कर दिया जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। बाकी पांचों पेड़ों पर चढ़ने में कामयाब रहे।

पेड़ पर चढ़े-चढ़े इन लोगों ने पड़ोस के गांव वालों को फोन कर इसकी जानकारी दी।

बाघों का घेरा
अधिकारियों के अनुसार गुनुंग लीज़र के जंगल में इन लोगों को ढूंढने में लोगों को तीन दिन लग गए।

उत्तरी सुमात्रा और आचे प्रांत की सीमा से लगा राष्ट्रीय पार्क करीब 7,930 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

पुलिस प्रमुख डिकी सोन्डानी ने बताया कि गुरुवार को गांव वाले उन लोगों को बचाने गए थे।

लेकिन उन्होंने देखा कि चार विशाल सुमात्री बाघ पेड़ के नीचे घूम रहे हैं तो वह वापस लौट आए।

इसके बाद शनिवार को 30 सदस्यीय खोज दल जंगल में गया।

पुलिस प्रमुख ने बताया कि जंगल के अंदर तक पहुंचने के लिए करीब दो या तीन दिन का समय लग जाता है।

उन्होंने कहा, “अगर बाघ पेड़ के नीचे होते तो उन पांच लोगों को बचाने के लिए हमें उन्हें बेहोश करना पड़ता या गोली मारनी पड़ती।”

एकेल टेमियांग जिले के सिम्पांग किरी गांव के छह व्यक्ति दुर्लभ सुगंधित लकड़ी की तलाश में राष्ट्रीय पार्क में घुसे थे।

पुलिस प्रमुख कहते हैं, “लोग सुगंधित लकड़ी की तलाश में जंगल में घुसते रहते हैं क्योंकि यह बहुत महंगी होती है। लेकिन इसमें खतरा बहुत है क्योंकि गुनुंग लीज़र जंगल में बाघ और हाथी बड़ी संख्या में हैं।”
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उन लोगों ने खाने के लिए हिरन को फंसाने वाला एक जाल लगाया था लेकिन गलती से उसमें बाघ का एक शावक फंस गया।

उसकी पुकार सुनकर आस-पास के बाघ पहुंच गए और 28 साल के डेविड को मार डाला।

सभी बाघों में सबसे छोटे आकार का सुमात्री बाघ एक लुप्तप्राय प्रजाति है जो सिर्फ़ इंडोनेशिया के द्वीपों में ही पाई जाती है।

अब कुल 350 के करीब बाघ ही बचे हैं जिनमें से ज्यादातर गुनुंग लीज़र राष्ट्रीय पार्क में ही हैं।

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