दुनिया के पहले हेड ट्रांसप्लांट की तैयारी में डॉक्टर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी खराब मानव के बदले नया अंग लगाकर बीमार व्यक्ति को जीवनदान देने से बेहतर कार्य नहीं हैं। कई बार आपने सुना होगा की किडनी-लिवर का सफल ट्रांसप्लांट कई रोगियों का किया जा चुका है और वह सब ठीक से रह रहे हैं।
इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए दो भाई दुनिया के पहले हेड ट्रांसप्लांट की तैयारी कर रहे हैं। वह यह तैयारी वर्डनिग-हॉफमैन बीमारी से पीड़ित वलेरी स्पाईरीडोनॉव के हेड ट्रांसप्लांट के लिए कर रहे हैं। उनकी यह बीमारी जानलेवा तो है ही साथ ही डॉक्टरों के मुताबिक वह कभी भी मर सकते हैं।
हालांकि इस तरह रहने के खिलाफ हैं और उन्होंने रेन और कैनावेरो को ट्रांसप्लांट 2017 तक करने के लिए कहा है। डॉक्टरों के मुताबिक इस ट्रांसप्लांट 80 डॉक्टरों की दरकार होगी और करीब दस मिलियन डॉलर का खर्च आएगा।
असफल होने पर डॉक्टरों को मिल सकती है मौत की सजा
चीनी सर्जन शियोपिंग रेन उस टीम के हिस्सा रहे हैं जिसने हाथ का सफल ट्रांसप्लांट किया था। डॉ रेन ने इटालवी न्यूरो सर्जन सर्गियो कानावेरो का इस कार्य में सहयोग के लिए साथ लिया है।
सर्गियो ने कई पेपर्स लिखे हैं जिसमें उन्होंने 2013 में हेड ट्रांसप्लांट की इच्छा जाहिर की है।
इस ऑपरेशन को चीन में किया जाएगा क्योंकि अमेरिका में इस इजाजत नहीं मिली है,हालांकि जानकार बताते हैं कि अगर स्पाईरीडोनॉव की मौत हो जाती है तो डॉ रेन और कानावेरो पर मौत की सजा हो सकती है।