फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   diet of strongest persons of world

क्या खाते हैं दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान?

Thu, 08 Aug 2013 03:22 PM IST
Updated Thu, 08 Aug 2013 03:22 PM IST
विज्ञापन
diet of strongest persons of world

दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स बनने के दावेदार हैं, मार्क फेलिक्स। मार्क फेलिक्स 6 फीट 4 इंच लंबे हैं और उनका वजन है 133 किलोग्राम। 22 इंच की बायसेप उनकी टीशर्ट से बाहर निकलने को बेताब है। इतना ही नहीं पहली नजर में मार्क किसी अचल पहाड़ की तरह नजर आते हैं।

विज्ञापन


दरअसल फेलिक्स उन 12 लोगों में एक हैं जो इस महीने चीन में दुनिया के सबसे ताकतवर इंसानों के लिए होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। ये प्रतियोगिता 17 से 24 अगस्त के बीच आयोजित होगी।
विज्ञापन


कम बोलने वाले मार्क फेलिक्स ग्रेनाडा के हैं और सात बार दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स के लिए होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके हैं। उनकी उम्र 47 साल की है और वे इस बार सबसे उम्रदराज प्रतियोगी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपनी तैयारियों के बारे में उन्होंने बताया, "आपको सब कुछ झोंकना होता है। पावर लिफ्टिंग, ओलिंपिक लिफ्टिंग और बॉडी बिल्डिंग ट्रेनिंग सब कुछ करना होता है।”

ताकत की मिसाल
सबसे ताकतवर शख्स की इस प्रतियोगिता में प्रतियोगी बड़े बड़े वाहन को अपनी ताकत से रोक लेते हैं। इस दौरान 454 किलोग्राम वजनी वाहन को 60 सेकेंड के अंदर 30 मीटर की दूरी तक रोकने का असंभव कारनामा भी दिखाना होता है।

इस प्रतियोगिता की शुरुआत 1977 में हुई थी। 1977 से लेकर 2012 के बीच इसे अब तक 18 लोग जीत चुके हैं। इस बार 12 लोग इस चैंपियनशिप को जीतने की दावेदारी कर रहे हैं।

फेलिक्स ने अपनी एक तस्वीर ट्वीट की है, जिसमें इस प्रतियोगिता के लिए उनकी तैयारियों में काम आने वाले सामानों से भरा उनका बक्सा है। इस बक्से में बादाम, चॉकलेट, ब्लू बेरी, जौ के अलावा खूब सारी एनर्जी ड्रिंक्स शामिल हैं।

फेलिक्स ने कहा, “मेरे पास ढेर सारे मेवे, फल और सब्ज़ियां मौजूद है।” फेलिक्स रोजाना छह बार भोजन करते हैं और इस दौरान साढ़े सात हजार कैलोरी ऊर्जा की खपत करते हैं।

इस प्रतियोगिता को लेकर हर जगह दिलचस्पी देखी जा रही है। एयरपोर्ट, होटल और मोटर वे सर्विस स्टेशन सब जगह इसकी चर्चा देखने को मिल रही है।

दरअसल फेलिक्स ग्रेट ब्रिटेन की खेल की दुनिया में जाने पहचाने इंसान हैं। वे कई बार इन प्रतियोगिताओं से वक्त मिलने पर छोटे-मोटी नौकरियां भी ग्रेट ब्रिटेन में करते रहे हैं।

तीन साल का कारनामा
फेलिक्स के साथ लायड रेनल्स भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। सिर पर बाल नहीं हैं लेकिन दाढी बढ़ी हुई है। उनकी पिंडली कई लोगों के जांघ जितनी ताकतवर दिखती हैं।

वे जब अपने पॉकेट से मोबाइल फोन निकालते हैं, तो उनके हाथों में मोबाइल फोन बेहद छोटे उपकरण के तौर पर नजर आता है।

strongest person












रेनल्स का ताकतवर शख्स की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का करियर महज तीन साल पुराना है। उनकी कामयाबियों का ग्राफ लंबा चौड़ा है। दो साल पहले वे इंग्लैंड के सबसे ताकतवर इंसान की प्रतियोगिता जीत चुके हैं। बीते साल ग्रेट ब्रिटेन के सबसे ताकतवर इंसानों की प्रतियोगिता में वे दूसरे स्थान पर रहे थे। वे लॉरेंस शाहलेइ से हार गए थे।

हालांकि रेनल्स को इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के दौरान उपकरणों को ढोने में परेशानी महसूस होती है।

इसके अलावा उन्हें मीठा खाना भी खूब पसंद है। वे कहते हैं, “मैं कोशिश कर खुद पर नियंत्रण रखता हूं। मुझे कितना प्रोटीन लेना चाहिए, इसका ध्यान रखता हूं। मैं खूब सारा मीठा खाना पसंद करता हूं। इससे मेरा वजन भी तेजी से बढ़ जाता है। मुझे चॉकलेट बेहद पसंद है।”

'यात्रा नहीं यातना'
इन सबके अलावा भी मुश्किलें कम नहीं होतीं। प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए दूर दराज की यात्राएं करनी होती हैं और इस दौरान खानपान का ख्याल रखना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं होता।

वे कहते हैं, “बायसेप में दर्द होने लगता है। लेकिन आपको फिर से दूसरी प्रतियोगिता के लिए बढ़ना होता है। यह आसान नहीं होता है।”

वैसे तो हर प्रतियोगिता के अपने खतरे भी होते हैं। वे कहते हैं, “फीजियो के तौर पर बोलूं तो यह डराने वाला होता है लेकिन प्रतियोगी के तौर पर कहूं तो ये एकदम ठीक है।”

लगातार यात्रा करने से भी शरीर पर असर पड़ता है। घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भी काफी यात्रा करनी होती है। इतने भारी भरकम शरीर के साथ कारों में यात्रा करना भी यातना से कम नहीं होता।

रेनल्स कहते हैं, “यात्रा करना भी काफी मुश्किल है। जब आप को इंतजार नहीं भी करना पड़ रहा हो तो भी हवाई जहाज में यात्रा करना मुश्किल भरा है क्योंकि वे हमारी तरह डिजाइन नहीं किए गए हैं।”

हवाई यात्रा की मुश्किल
अमेरिका के सबसे ताकतवर शख़्स रॉबर्ट ओबरेस्ट कहते हैं, “हवाई यात्रा तो बेहद क्रूर होती है, लेकिन हमारे बगल में जो बैठा होता है उसके लिए भी ये भयानक अनुभव होता है।”

दाढ़ी भरे चेहरे में ओबरेस्ट का वजन 400 पाउंड है यानि करीब 182 किलोग्राम। एक झटके से वे 400 किलोग्राम के वजन को उठा सकते हैं। उनके बाएं हाथ पर उनकी पत्नी की बनाई एक हैंड प्रिंट वाला टैटू मौजूद है।

कैलिफोर्निया से वे गेटशेड तक पहुंचना उनके लिए चुनौती साबित हुआ। ओबरेस्ट कहते हैं, “हवाई जहाज की अटेंडेंट का व्यवहार अच्छा रहा। उन्होंने मुझे खड़ा होने दिया।”

ओबरेस्ट कहते हैं कि जब उन्हें हवाई जहाज में थोड़ी ज्यादा जगह वाली सीट मिल जाती है तो वे लकी महसूस करते हैं।

ओबरेस्ट अमेरिकन फुटबॉल टीम में शामिल रहे। एक बार में उन्होंने बाउंसर के तौर पर काम भी किया। वहीं उन्हें किसी ने सबसे ताकतवर इंसानों के लिए होने वाली प्रतियोगिता के बारे में बताया। इसके बाद उनकी ज़िंदगी बदल गई।


7 हजार कैलोरी का भोजन
ओबरेस्ट रोजाना खूब खाते हैं। वे कहते हैं, “मैं रोजाना 1।6 किलोग्राम मीट खाता हूं, छह कप चावल और पास्ता खाता हूं। हालांकि इसमें डेयरी का कोई प्रॉडक्ट नहीं होता है। मैं खूब प्रोटीन लेता हूं।”

ओबरेस्ट कहते हैं, “मैं हर चार सप्ताह में एक दिन छुट्टी लेता हूं उस दिन मेरा मन जो होता है, वो खाता हूं।”

इन सब भारी भरकम लोगों में एक हैं ल्यूक स्टॉल्टमैन। 28 साल के स्टॉल्टमैन इन लोगों से थोड़े अलग नजर आते हैं। ल्यूक का वजन 133 किलोग्राम है।

ल्यूक का खानपान थोड़ा महंगा है। वे पांच हजार से सात हजार कैलोरी का भोजन रोजाना करते हैं, इसमें पास्ता, चिकेन और ग्रीन बींस शामिल हैं।

गेटशेड्स कंपीटिशन से पहले ल्यूक के नाश्ते में तीन भुने हुए अंडे, दो ब्राउन टोस्ट, बींस और अन्न और फलों का मिश्रण शामिल है।

ल्यूक पहली बार किसी प्रतियोगिता को गंभीरता से ले रहे हैं। स्कॉटलैंड के सबसे ताकतवर इंसानों की अपनी पहली ही प्रतियोगिता वे जीतने में कामयाब रहे।

हालांकि इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले लोग सिर्फ इससे होने वाली कमाई के जरिए अपना जीवन यापन नहीं कर सकते। रेनल्स का ही उदाहरण लीजिए प्रतियोगिता के दो दिन के बाद ही वे मरीजों का इलाज़ करने में जुट जाते हैं और स्टॉल्टमैन भी अपने काम पर लौट आते हैं।

जाहिर है दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों के लिए भी जिंदगी आसान नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed