Pakistan: चीन को खुश करने के लिए पाकिस्तान ने बनाया इस शख्स को PM! अब खुद पर ही भारी पड़ेगा सियासी दांव
पाकिस्तानी मामलों के जानकारों का कहना है बलूचिस्तान को आजाद कराने के लिए वहां के तमाम सामाजिक और राजनीतिक संगठन जिस तरीके से विरोध करते आए हैं उसमें अब काकड़ की एंट्री से परिस्थितियां बद से बदतर होने वाली हैं।
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पाकिस्तान ने अपने देश के बदतर हालातों को सुधारने के लिए बलूचिस्तान के अनवर उल हक काकड़ को नया कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाने की जो चला चली है वह अब उस पर उल्टी पड़ने वाली है। पाकिस्तान का सियासी दांव इसलिए उसके लिए मुसीबत भरा होने वाला है क्योंकि यहां की सियासत में जिस काकड़ को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है उसको लेकर समूचे बलूचिस्तान में पहले से ही बड़ा विरोध होता आया है।
परिस्थितियां होंगी बद से बदतर
पाकिस्तानी मामलों के जानकारों का कहना है बलूचिस्तान को आजाद कराने के लिए वहां के तमाम सामाजिक और राजनीतिक संगठन जिस तरीके से विरोध करते आए हैं उसमें अब काकड़ की एंट्री से परिस्थितियां बद से बदतर होने वाली हैं। हालत अब इस तरीके के हो गए हैं कि पाकिस्तान की आजादी वाले दिन यानी 14 अगस्त को समूचे बलूचिस्तान समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काला दिवस मनाए जाने की बड़े स्तर पर तैयारियां हो गई हैं। अमर उजाला डॉट कॉम को बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लड़ाकों ने फोन पर बातचीत के दौरान अपनी आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने की रणनीति और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में भी बताया। इन लोगों की रणनीति के मुताबिक वह दिन दूर नहीं जब बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग होकर एक नया मुल्क बनेगा।
चीन को खुश करने के लिए नियुक्ति
बलूचिस्तान की आजादी के लिए लगातार लड़ाई लड़ रही बलूचिस्तान फोर्सेज से जुड़ी हुईं हमदा बलोच कहती हैं कि पाकिस्तान ने जिस तरीके से अपने नए कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति की है वह पाकिस्तान से ज्यादा चीन को खुश करने के लिए नियुक्ति की गई है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की ओर से नए कार्यवाहक प्रधानमंत्री चीन को खुश करने के लिए लगातार काम करते आए हैं। हमदा कहती हैं कि बलूचिस्तान से ताल्लुक रखने वाले को पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री को बनाए जाने से स्पष्ट संदेश है कि पाकिस्तान को अंदाजा है कि यहां सब कुछ सही नहीं चल रहा है। लेकिन जिस बलूचिस्तान के अनवर उल हक काकड़ को पाकिस्तान का नया कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है वह शुरुआत से ही बलूचिस्तान के लोगों को न सिर्फ नापसंद करता है बल्कि चीन और आईएसआई और सेना के इशारों पर तमाम साजिशें करता रहता है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की आजादी के दिन समूचे देश और दुनिया में रह रहे बलूचिस्तान से जुड़े हुए लोग न सिर्फ 14 अगस्त को काला दिवस मनाएंगे बल्कि पाकिस्तान सरकार की ओर से अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों का विरोध भी करेंगे।
बलूचिस्तान के लोग लड़ते रहेंगे आजादी की लड़ाई
बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहे हाइबार मारी कहते हैं कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी की लड़ाई लड़ते रहेंगे। मारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके विरोध को लेकर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई हमेशा से असहज हो जाती है। उनके विरोध में किसी तरीके की कोई बड़ी अड़चन न पड़े इसलिए छोटे-छोटे ग्रुप के माध्यम से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 14 अगस्त को लगातार विरोध करेंगे और काला दिवस मनाएंगे। मारी कहते हैं कि जिस बलूचिस्तान में होने वाले नरसंहार में पाकिस्तान को चीन और ईरान की लगातार शह मिलती आ रही है। वह कहते हैं कि इसी का विरोध करने के लिए अब बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई लड़ रहे अलग-अलग संगठन और उनके प्रमुख नेता लगातार चीन के दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन भी करेंगे। वो कहते हैं यह विरोध प्रदर्शन यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के अलग-अलग राज्यों के दूतावासों के बाहर किया जाएगा।
देश को खोखला कर रहा चीन
फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट से जुड़े फिनलैंड के सामूहिक संगठनों ने चीन पाकिस्तान और ईरान के आपसी गठजोड़ को लेकर एक मानव श्रृंखला भी बनाई है। इस संगठन से जुड़े हफ्सा जिलान बताते हैं कि पाकिस्तान में बलूचिस्तान के सभी प्राकृतिक संपदाओं को चीन और ईरान मिलकर ना सिर्फ लूट रहा है बल्कि उनके देश को खोखला भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बलूचिस्तान की आजादी को लेकर लड़ाई लड़ी जा रही है। वह कहते हैं कि जिस तरीके से पाकिस्तान में नया कार्यवाहक प्रधानमंत्री तैनात किया गया है उसका खामियाजा पाकिस्तान को तो भुगतना ही पड़ेगा। वो कहते हैं कि बलूचिस्तान में पहले से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का आतंक बरपता रहा है। अब नए कार्यवाहक प्रधानमंत्री के बनाए जाने से हालात बेहतर होने की वजह है पाकिस्तान के लिए हालत बदतर होते जाएंगे।
यह है मामला
दरअसल, पाकिस्तान में मची राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अनवर-उल-हक काकड़ को पाकिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री चुना गया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विपक्ष के निवर्तमान नेता राजा रियाज से कार्यवाहक प्रधानमंत्री का नाम शनिवार को तय करने के लिए कहा था। दोनों नेताओं ने मिलकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए अनवर-उल-हक काकड़ को चुना। पाकिस्तान पीएमओ के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राजा रियाज ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काकड़ की नियुक्ति के संबंध में एक सलाह भेजी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ने इस सलाह को अपनी सहमति दे दी।