नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग खारिज
अपने लिए नया संविधान बना रहे नेपाल की संविधान सभा ने सोमवार को हिंदू राष्ट्र की मांग खारिज कर दी है। इसी के साथ ही यह तय हो गया है कि नेपाल एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना रहेगा।
संविधान सभा में नए संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाकर इस हिमालयी देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया था, मगर,दो तिहाई से ज्यादा बहुमत से इस प्रस्ताव को नेपाली सांसदों ने खारिज कर दिया।
सभा में संविधान के अंतिम मसौदे के हरेक अनुच्छेद पर वोटिंग की जा रही है, जिसके बाद पूरे संविधान को सभा में मतदान के लिए रखा जाएगा। संविधान सभा में नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव हिंदू समर्थक नेपाल राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी या नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी नेपाल द्वारा लाया गया था, जो संविधान के अनुच्छेद 4 से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को हटाने और इसकी जगह ‘हिंदू राष्ट्र’ रखने की मांग कर रही थी।
21 सांसदों ने ही किया समर्थन
हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वोटिंग की कार्यवाही पूरी होने के
बाद संविधान सभा के चेयरमैन सुभाष चंद्र नेमबांग ने प्रस्ताव के खारिज होने
का ऐलान किया। जबकि राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी के कमल थापा ने मतदान
की मांग की थी।
601 सदस्यीय संविधान सभा में थापा के प्रस्ताव का सिर्फ 21
सांसदों ने ही समर्थन किया था। जबकि संविधान सभा के नियमों के मुताबिक,
मतदान के लिए कम से कम 61 सांसदों द्वारा प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
जिसके
बाद प्रस्ताव पर वोटिंग ही नहीं हुई। इससे पहले जुलाई में हुए एक पब्लिक
ओपिनियन में बड़ी संख्या में लोगों ने संविधान में ‘धर्मनिरपेक्ष’ के बजाय
‘हिंदू’ या ‘धार्मिक स्वतंत्रता’ शब्द को ज्यादा उचित ठहराया था।
वहीं,
मधेसी पार्टियों ने सात प्रांतों के मॉडल वाले संविधान के मसौदे का विरोध
करते हुए इसका बहिष्कार किया है। संविधान के मसौदे को लेकर हाल ही में हुई
हिंसा में तकरीबन 40 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
संविधान सभा के बाहर प्रदर्शन
संविधान सभा में हिंदू राष्ट्र के प्रस्ताव को लेकर चल रही चर्चा के दौरान सभा के बाहर हिंदू राष्ट्र के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन भी किया। लोगों ने भगवा और पीले झंडे लिए सड़कों पर उतर आए।
राजधानी काठमांडू के न्यू बणेश्वर इलाके में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र संविधान सभा की इमारत के काफी नजदीक पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र संघ की एक गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर पानी का फव्वारा और लाठीचार्ज भी किया।
2007 में बना था धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र
सदियों से हिंदू राष्ट्र रहे नेपाल में राजशाही का शासन था। मगर, 2006 में जन आंदोलन के बाद 2007 में नेपाल ने खुद को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया।
फिलहाल नए संविधान मसौदे को अंतिम रूप देने में लगी 601 सदस्यीय नई संविधान सभा में कुल 598 वैध सदस्य हैं, जबकि 538 सदस्य ही संविधान पर वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
नेपाल की तीनों बड़ी पार्टियों नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और यूसीपीएन-माओवादी की संविधान मसौदे पर आपसी सहमति है। तीनों पार्टियों की संविधान सभा में 475 सीटें हैं,जबकि नए संविधान की मंजूरी के लिए दो तिहाई यानी 399 का आंकड़ा चाहिए।