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कोका-कोला की लत से हुई मौत?

Tue, 12 Feb 2013 08:14 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 12 Feb 2013 08:14 PM IST
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death from coca cola

न्यूजीलैंड की एक 30 वर्षीय महिला की मौत के पीछे ‘अधिक मात्रा में कोका-कोला का सेवन करना’ बताया जा रहा है। नताशा हैरिस नाम की महिला को तीन साल पहले दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।

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उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट में सामने आया कि वे हर दिन करीब 10 लीटर कोका-कोला पीती थीं और उनकी मौत के पीछे ये एक बड़ा कारण हो सकता है।

एक दिन में में जितनी सुरक्षित मात्रा में कैफीन पी जानी चाहिए, ये उससे कहीं ज़्यादा है और साथ ही चीनी की स्वीकार्य मात्रा से 11 गुना ज़्यादा है।

कोका-कोला कंपनी का कहना है कि ये साबित नहीं किया जा सकता कि नताशा की मौत उनकी बनाई हुई ड्रिंक से हुई। आठ बच्चों की मां नताशा की कई सालों तक तबीयत खराब रही।
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'कोका-कोला की लत'

उनके परिवार का कहना है कि उन्हें कोका-कोला की लत लग गई थी और अगर उन्हें वो पीने को नहीं मिलती थी, तो वे कांपना शुरू कर देती थीं।

नताशा पूरे दिन कोका-कोला पीती रहती जिसकी वजह से उनके दांत सड़ गए और फिर बाद में उन्हें अपने दांत भी निकलवाने पड़े।

उनका पोस्ट-मोर्टम करने वाले अफसर डेविड क्रेयर ने कहा कि कोका-कोला पीने से उनके हृदय पर असर पड़ा जिसकी वजह से उनके दिल की धड़कन कभी बहुत धीमी हो जाती, तो कभी बहुत तेज़।
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उन्होंने कहा, “हमने मौजूदा सबूत से पाया कि अगर नताशा इतनी मात्रा में कोक नहीं पीती तो उनकी मौत इस तरह से न हुई होती।”

टेलीविज़न न्यूज़ीलैंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थय रिपोर्ट में सामने आया कि 10 लीटर कोक पीने से नताशा के शरीर में एक किलो चीनी और 970 मिलिग्राम कैफीन बन रही थी।


हालांकि डेविड क्रेयर ने कहा कि कोका-कोला को इस मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराना गलत होगा क्योंकि ये उपभोक्ता पर निर्भर है कि वो किसी भी चीज़ का इतनी मात्रा में सेवन न करे।

लेकिन उन्होंने कहा कि कंपनी को अपने प्रोडक्ट पर ये साफ लिखना चाहिए कि उसके अधिक मात्रा में सेवन होने का नतीजा खराब हो सकता है।

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