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बांग्लादेश पहुंचा तूफान, एक की मौत
Updated Fri, 17 May 2013 08:22 AM IST
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समुद्री तूफान महासेन बांग्लादेश के दक्षिणी तट से होकर गुजर रहा है, जिससे दहशत में लोग अपने घरों को छोड़ कर भाग रहे हैं।
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तूफान बृहस्पतिवार को सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ पटुआखाली जिले में पहुंचा और ये चटगांव और कोक्स बाजार के इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।
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बांग्लादेश के अधिकारियों ने तूफान के कारण एक व्यक्ति के मारे जाने की पुष्टि की है।
बांग्लादेश और बर्मा के निचले इलाकों में रहने वाले सैकड़ों लोगों से सुरक्षित शिविरों में जाने को कहा गया है।
लेकिन बर्मा के रखाइन प्रांत में कुछ बेघर लोगों ने शरणार्थी शिविर छोड़ने से इनकार कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि महासेन के कारण बांग्लादेश, बर्मा और पूर्वोत्तर भारत में 82 लाख लोग जोखिम में पड़ सकते हैं।
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तूफान केंद्रों पर भीड़
बांग्लादेश के अधिकारियों ने चटगांव और कोक्स बाजार के आसपास वाले इलाकों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा कर सात कर दिया है। खतरे का आंकलन कुल 10 स्तरों पर किया जाता है।
हालांकि बांग्लादेशी मौसम विभाग के उपनिदेशक सम्सुद्दुन अहमद ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि तूफान से ज़्यादा तबाही होने की आशंका नहीं है क्योंकि ये ज्यादा शक्तिशाली नहीं है।
लेकिन बांग्लादेश में निचले इलाकों में कमर तक पानी भर जाने की खबरें हैं जिससे घरों को नुकसान हुआ है। ऐसी भी आशंकाएं है कि तूफान बढ़ सकता है।
बीबीसी के मीर सब्बीर ने ढाका से खबर दी है कि सभी स्कूलों, कॉलेजों और कुछ होटलों को तूफान प्रभावितों के लिए शिविर घोषित किया गया है।
बड़ी संख्या में लोग इन केंद्रों में पहुंच गए हैं और उनके आने का सिलसिला जारी है। कोक्स बाज़ार और चटगांव में खतरा टलने तक हवाई अड्डों को बंद कर दिया गया है।
इस बीच बर्मा में रखाइन प्रांत के निचले इलाकों में रह रहे मुसलमान तूफान के कारण जोखिम में बताए जाते हैं।
ये लोग पिछले साल हुई क्लिक करें जातीय हिंसा के बाद से बेघर हैं और वो अधिकारियों की चेतावनियों के बावजूद शिविरों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
मंगलवार को 50 रोहिंग्या मुसलमान उस वक्त डूब गए जब उन्हें बर्मा के तट पर तूफान के संभावित मार्ग से हटा कर नाव के जरिए दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा था।