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काठमांडू एयरपोर्ट रनवे में दरार, विमान उतरने पर रोक

Sun, 03 May 2015 05:47 PM IST
Updated Sun, 03 May 2015 05:47 PM IST
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 cracks in kathmandu airport

नेपाल में भूकंप के बाद राहत कार्यों में बड़ी बाधा पैदा हो गई है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में एयरपोर्ट के रनवे में क्रैक आने के बाद सरकार ने राहत सामग्री ला रहे बड़े विमानों के उतरने पर बैन लगा दिया है।

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नेपाल में भूकंप के बाद राहत कार्यों में बड़ी बाधा पैदा हो गई है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में एयरपोर्ट के रनवे में क्रैक आने के बाद सरकार ने राहत सामग्री ला रहे बड़े विमानों के उतरने पर बैन लगा दिया है।
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हालांकि छोटे विमान एयरपोर्ट पर उतर सकते हैं। अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो एयरपोर्ट को बंद करना पड़ सकता है। नेपाल में पिछले हफ्ते आए भूकंप में 7000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सैकड़ों की संख्या में राहतकर्मी भूकंप पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।

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हर तरफ तबाही

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बचाव दल से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भूकंप का केंद्र रहे इलाके में नब्बे फीसदी इमारतें तबाह हो गई हैं। नेपाल के सिंधुपलचोक ज़िले में गांव और कस्बे मलबे में तब्दील हो चुके हैं। बचाव टीमों का कहना है कि उन्हें मलबे से किसी के ज़िंदा बच निकलने की उम्मीद नहीं है।

अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने शनिवार को नेपाल से कस्टम पाबंदियों में ढील देने को कहा था। कस्टम नियमों की वजह से हजारों प्रभावित लोगों तक टेंट, खाना और दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।

मददगार भारत

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उधर, भारत की ओर से नेपाल के भूकंप पीड़ितों की मदद का सिलसिला जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्वीट किया, "27 अप्रैल से अब तक काठमांडू- सनौली- गोरखपुर के रास्ते लगभग 21 हजार लोगों को भारत लाया गया है।

"उन्होंने बताया कि गोरखपुर के रास्ते राहत सामग्री से भरे 233 से ज़्यादा ट्रक नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। स्वरुप ने एक अन्य ट्विट के ज़रिए भारत की मदद से भूकंप पीड़ितों को इलाज़ मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर बनाने और भक्तपुर में पीड़ितों के लिए लंगर लगाए जाने की जानकारी भी दी।

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