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चीन ने अमेरिका को व्यापार में पछाड़ा
Updated Mon, 11 Feb 2013 04:27 PM IST
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अमेरिका को पछाड़ते हुए चीन अब दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारी देश हो गया है।
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साल 2012 के आयात और निर्यात से जुड़े दोनों देशों के आधिकारिक आंकड़ों से ये तथ्य सामने आया है।
ब्लूमबर्ग न्यूज ने अमेरिकी वाणिज्य विभाग के हवाले से रिपोर्ट किया कि अमेरिका के आयात और निर्यात से जुड़ी आय 38.2 खरब डॉलर रही, जबकि चीन के कस्टम विभाग ने बताया कि देश की 2012 की आय 38.7 खरब डॉलर रही।
चीन का बढ़ता वाणिज्यिक दबदबा उसके पड़ोसी देशों के साथ-साथ अन्य देशों के लिए भी खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
गोल्डमैन साक्स के एक अधिकारी जिम ओनील ने ब्लूमबर्ग को बताया कि दुनिया में कितने ही देश है जिनके चीन से व्यापारी संबंध बनते जा रहे हैं। जिस तेजी से ये हो रहा है, उसे देख कर लगता है कि अगले एक दशक में यूरोपीय देश आपसी व्यापार के बजाय चीन के साथ ज्यादा व्यापार करेंगें।
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अमेरिका की 'चिंता'
विश्व बैंक के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन से दोगुनी बड़ी है। विश्लेषकों का कहना है कि इस पृष्ठभूमि में चीन का अमेरिका को पछाड़ना एक बेहद असाधारण बात है।
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साथ ही विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा चीनी मुद्रा युआन के अवमूल्यन के कारण ही नहीं बल्कि चीनी निर्यात में आई तेजी की वजह से हुआ है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आया था। जबकि चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था पर 1976 में माओ त्से तुंग की मौत के बाद ही ध्यान देना शुरू किया।
2009 में चीन विश्व का सबसे अधिक निर्यात करने वाला देश बन गया था, जबकि अमेरिका सबसे ज्यादा आयात करने वाला देश है और चीन से काफी चीजें आयात करता है। विश्लेषकों का कहना है कि ताजा आंकड़ों के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है।