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बच्चों की यौन आदत को स्कूल में पढ़ाए जाने पर हुआ विवाद
क्रिस्टीन फ्रांसेस्का/ बीबीसी इंडोनेशिया सेवा
Updated Wed, 22 Feb 2017 02:23 PM IST
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इंडोनेशिया में बच्चों की एक किताब विवादों के घेरे में आ गई है, क्योंकि इसमें बच्चों को हस्तमैथुन के बारे में बताया गया है। इस किताब का एक चैप्टर है- खुद को काबू में रखने के लिए सीखें। इसे फिता चक्रा ने लिखा है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर इस किताब की चर्चा गर्म हो गई। यौन शिक्षा पर ऑनलाइन तीखी बहस होने लगी। इस बहस में बच्चों के माता-पिता का गुस्सा भी सामने आया। एक फेसबुक यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''माताएं, अपने बच्चों की किताब खरीदते वक्त सावधान रहें। किताब की विषय-वस्तु की जांच कई बार कर लें।'' एक और ने लिखा है, ''अगर यह किताब यौन शिक्षा को लेकर है तो इसकी व्याख्या क्यों की गई है?''
किताब का एक पन्ना ऑनलाइन काफी शेयर किया गया है। इसमें एक बच्चा बिस्तर पर लेटा है। वह कहा रहा है: ''मैंने तकिए को पैरों से जकड़ लिया है। मजे के लिए मैं अपने शरीर को ऊपर-नीचे करता हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। मेरी धड़कन तेज हो रही है, लेकिन मैं खुश हूं।''
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सोमवार को सोशल मीडिया पर इस किताब की चर्चा गर्म हो गई। यौन शिक्षा पर ऑनलाइन तीखी बहस होने लगी। इस बहस में बच्चों के माता-पिता का गुस्सा भी सामने आया। एक फेसबुक यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''माताएं, अपने बच्चों की किताब खरीदते वक्त सावधान रहें। किताब की विषय-वस्तु की जांच कई बार कर लें।'' एक और ने लिखा है, ''अगर यह किताब यौन शिक्षा को लेकर है तो इसकी व्याख्या क्यों की गई है?''
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किताब का एक पन्ना ऑनलाइन काफी शेयर किया गया है। इसमें एक बच्चा बिस्तर पर लेटा है। वह कहा रहा है: ''मैंने तकिए को पैरों से जकड़ लिया है। मजे के लिए मैं अपने शरीर को ऊपर-नीचे करता हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। मेरी धड़कन तेज हो रही है, लेकिन मैं खुश हूं।''
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माता-पिता पर निशाना
किताब का एक और स्क्रीनशॉट है। इसमें बच्चा कह रहा है, ''मैंने मजे के लिए एक नया खेल सीखा है। कभी-कभी मैं अपना हाथ अपनी पैंट के भीतर डाल देता हूं। मैं ऐसा बार-बार करता हूं।''
दुनिया के सबसे अधिक मुसलमान आबादी वाले देश इंडोनेशिया में सेक्स पर खुलकर बात करना वर्जित है। माता-पिता और बच्चों के बीच भी इस पर बहुत खुलकर बात नहीं होती है।
हालांकि बच्चों में यौन शिक्षा के महत्व को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ रही है। इस तरह की जागरूकता का प्रसार बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए भी बढ़ रहा है। इन सबके बावजूद इंडोनेशियाई बाल संरक्षण आयोग ने कहा कि किताब में 'खुद पर नियंत्रण रखें' चैप्टर बच्चों के लिए नुकसानदेह है। इससे बच्चे भटक सकते हैं।
इस किताब के प्रकाशक टिगा सेरांगकी ने कहा, ''इस किताब का उद्देश्य यह बताना है कि बच्चे क्यों ऐसा करते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि यह अनुचित है और सेहत के लिए ठीक नहीं है। हमारा लक्ष्य अभिभावकों को बताना है कि उनके बच्चों में शायद यह प्रवृत्ति घर कर रही है। यह सभी माता-पिता के लिए भी अच्छा है कि बच्चों के साथ कैसी सावधानी बरतें।''
हालांकि प्रकाशक ने कहा कि किताब को पिछले साल दिसंबर में वापस ले लिया गया था, क्योंकि लोग अपने बच्चों को इस उम्र में यौन शिक्षा से अवगत कराने को लेकर तैयार नहीं थे। कुछ ऑनलाइन बुकस्टोर्स पर अब भी यह किताब बेची जा रही है।
दुनिया के सबसे अधिक मुसलमान आबादी वाले देश इंडोनेशिया में सेक्स पर खुलकर बात करना वर्जित है। माता-पिता और बच्चों के बीच भी इस पर बहुत खुलकर बात नहीं होती है।
हालांकि बच्चों में यौन शिक्षा के महत्व को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ रही है। इस तरह की जागरूकता का प्रसार बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए भी बढ़ रहा है। इन सबके बावजूद इंडोनेशियाई बाल संरक्षण आयोग ने कहा कि किताब में 'खुद पर नियंत्रण रखें' चैप्टर बच्चों के लिए नुकसानदेह है। इससे बच्चे भटक सकते हैं।
इस किताब के प्रकाशक टिगा सेरांगकी ने कहा, ''इस किताब का उद्देश्य यह बताना है कि बच्चे क्यों ऐसा करते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि यह अनुचित है और सेहत के लिए ठीक नहीं है। हमारा लक्ष्य अभिभावकों को बताना है कि उनके बच्चों में शायद यह प्रवृत्ति घर कर रही है। यह सभी माता-पिता के लिए भी अच्छा है कि बच्चों के साथ कैसी सावधानी बरतें।''
हालांकि प्रकाशक ने कहा कि किताब को पिछले साल दिसंबर में वापस ले लिया गया था, क्योंकि लोग अपने बच्चों को इस उम्र में यौन शिक्षा से अवगत कराने को लेकर तैयार नहीं थे। कुछ ऑनलाइन बुकस्टोर्स पर अब भी यह किताब बेची जा रही है।
लेखिका फिता चक्रा बच्चों के लिए ऐसी कई किताबें लिख चुकी हैं। खासकर उन्होंने बच्चों के भावनात्मक और शारीरिक विकास को लेकर किताबें लिखी हैं। उन्होंने इस विवाद के बाद इंस्टाग्राम पर लिखा कि वह इस बात से दुखी हैं कि लोग केवल एक-दो पन्नों को संदर्भ से अलग रखकर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस किताब के प्रकाशित होने से पहले संपादक से बात की गई थी। फिता ने कहा कि इस किताब को लिखने में लंबा वक्त लगा। फिता ने कहा, ''मेरा इरादा बिल्कुल सच्चा था कि बच्चों को इस बारे में बताकर यौन उत्पीड़न से बचाया जा सके। अगर आप पूरी किताब को पढ़ेंगे तो माता-पिता को कई सुझाव दिए गए हैं। दरअसल यह किताब अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन की तरह है।''
बाल और परिवार मनोविज्ञानी वेरा इताबिलिआना ने बीबीसी से कहा, ''बच्चों को शुरुआती उम्र में ही यौन शिक्षा देने की जरूरत है लेकिन यह किताब गलत लोगों को टारगेट कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस किताब के प्रकाशित होने से पहले संपादक से बात की गई थी। फिता ने कहा कि इस किताब को लिखने में लंबा वक्त लगा। फिता ने कहा, ''मेरा इरादा बिल्कुल सच्चा था कि बच्चों को इस बारे में बताकर यौन उत्पीड़न से बचाया जा सके। अगर आप पूरी किताब को पढ़ेंगे तो माता-पिता को कई सुझाव दिए गए हैं। दरअसल यह किताब अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन की तरह है।''
बाल और परिवार मनोविज्ञानी वेरा इताबिलिआना ने बीबीसी से कहा, ''बच्चों को शुरुआती उम्र में ही यौन शिक्षा देने की जरूरत है लेकिन यह किताब गलत लोगों को टारगेट कर रही है।