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जल्द खोले जाएंगे 8,000 नए सीबीएसई स्कूल, मान्यता संबंधी कानूनों में किया बदलाव

Fri, 19 Oct 2018 01:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 19 Oct 2018 01:16 PM IST
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Central Board of Secondary Education has cleared over 8,000 pending applications for affiliation
सीबीएसई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 8000 लंबित आवेदनों पर निर्णय कर लिया है। यह आवेदन संबंद्धीकरण के थे और कुछ की तारीखें 2007 थी। इसके बाद उप-कानूनों में संशोधन किया गया और प्रक्रिया को आसान बनाते हुए पूरी तरह से पेपरलेस कर दिया। स्कूल को केवल दो दस्तावेज जमा करवाने के लिए कहा और सभी आवेदनों को उसी साल निपटाने का प्रावधान रखा गया।

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गुरुवार को मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नए उप-कानून को जारी किया। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान एक पारदर्शी और परेशानी रहित प्रक्रिया बनाने पर है। बता दें कि संबंद्धीकरण के उप-कानून को पहली बार 1988 में बनाया गया था। आखिरी बार इनमें 2012 में संशोधन हुआ था। उप-कानून में यह बात जोड़ी गई है कि यदि कोई स्कूल परीक्षा कदाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसका संबंद्धीकरण रद्द कर दिया गया है।
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जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘नए उप कानून पूर्व की बेहद जटिल प्रक्रियाओं से सरल तंत्र में आना दर्शाता है जो प्रक्रियाओं के दोहराव को रोकने पर आधारित है।' उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में आरईटी कानून के तहत मान्यता तथा एनओसी देने के लिए राज्य शिक्षा प्रशासन स्थानीय निकायों, राजस्व तथा सहकारी विभागों से मिलने वाले अनेक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करता है. आवेदन मिलने के बाद सीबीएसई उनका पुन: सत्यापन करता है और इस प्रकार से पूरी प्रक्रिया लंबी हो जाती है।' 
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जावड़ेकर ने कहा कि बोर्ड अब उन पहलुओं को नहीं देखेगा जिनका निरीक्षण राज्य कर चुका है। अब सीबीएसई द्वारा स्कूलों का निरीक्षण परिणाम आधारित और शैक्षणिक तथा गुणवत्ता उन्मुख होगा। गौरतलब है कि देश भर में 20,783 स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। इनमें कम से कम1.9 करोड़ छात्र और 10 लाख से अधिक शिक्षक हैं। मान्यता देने से जुड़े उप कानून 1998 में बने थे और अंतिम बार 2012 में उनमें बदलाव किया गया था।

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