आतंकवाद रोकने के लिए जर्मनी में बुर्के पर प्रतिबंध
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दुनिया के कई देशों के बाद अब जर्मनी भी महिलाओं के हिजाब पहनने पर रोक लगाने जा रहा है। हालांकि यह प्रतिबंधित सिर्फ यहां के सरकारी कर्मचारियों पर ही लागू होगा। बृहस्पतिवार को जर्मन संसद के निचले संदन बुंडेसटाग ने इसके लिए विधेयक को मंजूरी दे दी।
नए विधेयक के मुताबिक, जर्नी में अब सरकारी कर्मचारी, जज और सैनिक काम के दैरान पूरे चेहरे को ढंकने वाला बुर्का नहीं पहन सकेंगे। महिलाओं को सुरक्षा जांच के दौरान अपना चेहरा दिखाना होगा। बताते चलें कि फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड और बुल्गारिया में भी हिजाब पहने पर पहले से ही पाबंदी है। ऑस्ट्रिया और नॉर्वे भी इस पर विचार कर रहा है।
जर्मन सरकार ने एक जारी बयान में कहा कि किसी धर्म या विचारधारा के आधार पर चेहरे को ढंकना सरकारी संस्थानों के अनुरूप नहीं है। हालांकि इस विधेयक को कानून का रूप लेने के लिए ऊपरी सदन की मंजूरी चाहिए। अगर इस कानून को पास कराने में सरकार सफल रहती है तो जर्मनी हिजाब पर पाबंदी लगाने वाला पांचवां यूरोपीय देश बन जाएगा।
गौरतलब है कि जर्मनी में बीते एक साल कई आतंकी हमले हुए हैं। शरणार्थी संकट के बाद उग्र दक्षिणपंथी पार्टियां आतंकवाद को भी मुद्दा बना रही हैं। वह सार्वजनिक जगहों पर हिजाब प्रतिबंधित करने की मांग कर रही थी। दिसंबर 2016 में जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने हिजाब पहनने पर रोक लगाने की बात कही थी।
इन देशों में पहले से ही लगा है हिजाब पर बैन
फ्रांस: हिजाब पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला यूरोपीय देश फ्रांस है। इसकी शुरुआत 2004 में हुई थी और 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर पूरी तरह से बैन लगा दी गई। यहां हिजाब पहनने पर 150 यूरो और किसी महिला को जबरन पहनाने पर 30 हजार यूरो का जुर्माना हो सकता है।
बेल्जियम: 2011 में फ्रांस की तरह बेल्जियम ने भी हिजाब पहनने पर रोक लगा दी। यहां हिजाब पहनने पर महिलाओं को सात दिन की जेल या 1300 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।
नीदरलैंड्स: 2015 में हॉलैंड ने हिजाब पर बैन लगाया था, लेकिन यह बैन स्कूलों, अस्पतालों और सार्जवनिक परिवहन तक ही सीमित है।
इटली: इटली में हिजाब पहनने की मनाही तो लेकिन इस कानून का उल्लंघन करने पर किसी तरह की सजा नहीं है।
स्पेन: यहां के कैटेलोनिया के कई जिलों में हिजाब और नकाब 2013 से ही प्रतिबंधित है। दूसरे राज्यों में लागू करने के लिए कोर्ट की मंजूरी नहीं मिली।
चाड: अफ्रीकी देश चाड ने पिछले साल जून में हुए दो आत्मघाती बम हमले के बाद महिलाओं के हिजाब पहनने पर रोक लगा दी। हिजाब पहनने पर जुर्माना और जेल हो सकती है।
कैमरून: पड़ोसी देश चाड के प्रतिबंध लगाने के एक महीने बाद कैमरून ने देश में नकाब और हिजाब पर रोक ला दी। अभी यह बैन सिर्फ पांच राज्यों में ही लागू है।
नाइजीरिया: आतंकवाद प्रभावित दीफा इलाके में ही हिजाब प्रतिबंधित है। यहां के राष्ट्रपति इस नियम को देशभर में लागू करने के इच्छुक हैं।
कॉन्गो: 2015 में कांगो ने पूरे चेहरे को ढकने पर रोक लगाई।
स्विट्जरलैंड: बीते साल एक जुलाई को से स्विट्जरलैंड के टेसिन इलाके में बुर्के पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया। इसका उल्लंघन करने पर 9200 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।