अच्छा खासा कारोबार बंद करके आईएस के खिलाफ जंग लड़ने कुर्दिस्तान पहुंचा बिल्डर
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खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के क्रूर कारनामे और बढ़ते वर्चस्व से आहत होकर एक बिल्डर ने बेहद हैरान करने वाला कदम उठाया है। 39 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक टिम लॉक ने दुनिया भर के लिए खतरा बने आईएस का सफाया करने की ठान ली है।
इसके लिए टिम ने अपना आलीशान घर एवं बेशकीमती संपत्ति बेच दी और अच्छा खासा कारोबार बंद कर दिया। उन्होंने आतंकी संगठन से लड़ने के लिए ऑनलाइन वेबसाइट से शरीर का रक्षाकवच (बॉडी आर्मर्ड) और ब्लैक मार्केट से पिस्टल एवं एके-47 खरीदा। इसके बाद फरवरी में टिम आईएस के खिलाफ जंग में शामिल होने के लिए इराकी कुर्दिस्तान पहुंच गया।
खास बात यह है कि यह पहला ब्रिटिश नागरिक है, जो बिना सैन्य प्रशिक्षण के आईएस से लड़ने इराकी कुर्दिस्तान पहुंचा गया। हालांकि अपना कंस्ट्रक्शन फर्म बंद करने के बाद टिम ने हथियार के बेसिक प्रशिक्षण लिया था।
पूर्व नाइट क्लब बाउंसर टिम लॉक पेशमर्गा (कुर्दिश सुरक्षा बल) के साथ मिलकर आईएस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। 2015 में बहकर तुर्की के तट पर पहुंचे तीन साल के सीरियाई अयलान कुर्दी के शव की तस्वीर देखने के बाद टिम का हृदय परिवर्तित हुआ था। इसके बाद वह खुद को रोक नहीं पाए और आहत होकर आईएस के खिलाफ जंग में शामिल हो गए।
परिजनों के समझाने के बाद भी नहीं बदला फैसला
टिम लॉक के दोस्तों और मां-बाप को इसका तनिक भी भान नहीं था कि वह इतना बड़ा फैसला ले सकते हैं। आईएस के खिलाफ जंग के टिम के फैसला सुनने के बाद मां-बाप ने उनको समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहे।
मार्च में ब्रिटेन लौटे टिम ने बताया कि अब वह सितंबर में अपने 40वें जन्म दिन पर कुर्दिस्तान को वापस लौटेंगे। उनसे जब पूछा गया कि उन्होंने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया, तो वह अयलान की मृत तस्वीर का जिक्र कर देते हैं।
जंग के मैदान में आतंकियों का सफाया कर रहे टिम
टिम का कहना है कि वह मानवता के दुश्मन आईएस के आतंकियों पर किसी तरह का रहम नहीं दिखा रहे हैं। वह जंग में आतंकियों को को रबड़ की चिड़िया की तरह अपनी गोली का निशाना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि आतंकी संगठन ने इलाके में किसी भी पश्चिमी देश के शख्स के सिर पर ईनाम भी घोषित कर रखा था।