{"_id":"f70f0e2c-daaa-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"brazil-leaders-to-meet-as-protests-violence-grow","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्राजील में प्रदर्शनों का नया दौर","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
ब्राजील में प्रदर्शनों का नया दौर
Updated Sat, 22 Jun 2013 11:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्राजील में विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कुछ शहरों ने सार्वजनिक परिवहन के बढ़े हुए किराए वापस ले लिए है।
विज्ञापन
भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर ब्राजील में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के ताज़ा दौर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों की ख़बरें हैं।
रियो डे जेनेरो में हज़ारों लोगों ने रैली निकाली। शहर के सिटी हाल के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
विज्ञापन
ये लोग भ्रष्टाचार, सार्वजनिक सेवाओं और कुछ अन्य मामलों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से राष्ट्रपति डिल्मा रोसेफ़ को अगले हफ़्ते होने वाली जापाना यात्रा रद्द करनी पड़ी।
विज्ञापन
राष्ट्रपति का दौरा रद्द
साओ पाओलो में मौजूद बीबीसी संवाददाता गैरी डफ़ी का कहना है कि राष्ट्रपति के इस क़दम से मामले की गंभीरता का पता चलता है।
रियो डे जेनेरो के सिटी हाल की ओर बढ़ रहे नक़ाबपोश युवाओं को रोकने के लिए दंगा नियंत्रण पुलिस ने गुरुवार रात आंसू गैस के गोले छोड़े और रबड़ की गोलियां चलाईं। इन झड़पों में 29 लोगों के घायल होने की ख़बर है।
खबरों में कहा गया है कि यहाँ सरकार विरोधी प्रदर्शनों में क़रीब तीन लाख लोग भाग ले रहे हैं।
रियो के विधानसभा भवन, गवर्नर कार्यालय और शहर के मेयर के दफ़्तर को अधिकारियों ने सील कर दिया है।
टीवी चैनलों पर दिखाई जा रही फुटेज में लोगों को सिटी सेंटर की दुकानों को लूटते हुए दिखाया गया है, हालांकि कई दुकानदारों और बैकों ने इससे बचने के लिए अपने प्रतिष्ठानों के बाहर लकड़ी के बोर्ड लगा दिए थे।
हाल में प्रदर्शनकारियों ने बीबीसी संवाददाता से कहा था कि वे रियो के माराकाना स्टेडियम की ओर नहीं जाएंगे, जो कंफ़ेडरेशन कप के तहत स्पेन और ताहिति के बीच मैच हुआ था।
राजधानी ब्रासिलिया में प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्रालय के गेट के बाहर आग लगा दी। पुलिस ने रबड़ की गोलियां चलाकर और आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें वहां से हटाया।
पुलिस कार्रवाई
सरकार के किराया वापस लेने के फैसले के बाद एविंडिया पाउलिस्टा में हज़ारों लोग जमा हुए।
राजधानी की अन्य सरकारी इमारतों पर भी हमला किया गया।
सल्वाडोर में कंफ़ेडरेशन कप के तहत नाइजीरिया और उरुग्वे के बीच होने वाले फ़ुटबाल मैच से पहले स्टेडियम के बाहर हिंसा की ख़बर है। यहां हिंसा तब भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने स्टेडियम के पास लगे पुलिस के अवरोधक को तोड़ने का प्रयास किया।
कुइबा, रेसिफ़ और जाओ पेसाआ के अधिकारियों ने विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए बढ़े हुए किराए वापस ले लिए थे। इसके बाद साओ पाउलो और रियो डे जेनेरो ने भी ऐसे ही क़दम उठाए थे।
देश के अन्य शहरों से भी हिंसा की ख़बरें मिली हैं। साओ पाओलो की पुलिस का कहना है कि शहर की प्रमुख जगह एवेनिडा पाउलिस्टा पर एक लाख लोग जमा हुए।
बेहतर परिवहन व्यवस्था के लिए अभियान चला रहे सिटी फ़्री एसेस मूवमेंट ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के बढ़े हुए किराए वापस लेने पर अपने सदस्यों को सड़क पर उतर कर जश्न मनाने को कहा था।
इस साल दो जून को किराए बढ़ने के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया था।
प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार और ख़राब सार्वजनिक सुविधाओं और अगले साल होने वाले फ़ुटबाल विश्वकप की तैयारियों पर हो रहे खर्च से नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी निवेश करना चाहिए।
ब्राजील 2014 के फ़ुटबाल विश्वकप और 2016 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी कर रहा है।