बांग्लादेश स्थित मंदिर में हुए धमाके, 10 लोग बुरी तरह से घायल
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बांग्लादेश में जारी कट्टरपंथी हिंसा के कारण शनिवार को एक हिंदू मंदिर भी लहूलुहान हो गया। उत्तरी बांग्लादेश के कहरोल उपजिला में स्थित प्राचीन कांताजी मंदिर के परिसर में तीन बम धमाके हुए जिसमें करीब 10 लोग घायल हो गए।
मध्यकालीन युग के इस मंदिर के परिसर में जिस समय धमाका हुआ, उस समय हजारों हिंदू धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए थे।
रश मेला उत्सव के अवसर पर यहां आयोजित शो को देखने के लिए करीब पांच हजार लोग उपस्थित थे। लोग मेले का आनंद उठा रहे थे कि अज्ञात हमलावरों ने धमाका करना शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा है कि हमलावरों ने धमाके के लिए रिमोट कंट्रोल तकनीक का इस्तेमाल किया है। हम तीन लोगों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर रहे हैं।’
ये है इस मंदिर का इतिहास
पुलिस ने आशंका जताई है कि यह इस्लामी कट्टर पंथियों की कारगुजारी हो सकती
है। कांताजी मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी सरकार के पुरातत्व विभाग की है,
लेकिन हिंदुओं को पूजा-अर्चना की छूट है।
यहां हर साल होने वाले रश मेले
में मुस्लिम भी शामिल होते हैं। यह मंदिर धेपा नदी से थोड़ी दूर कांतानगर
में है जिसके निर्माण का कार्य 1704 ईस्वी में महाराजा प्रणनाथ ने शुरू
कराया था।
हालांकि इसे पूर्ण कराने का श्रेय महाराजा के दत्तक पुत्र
महाराजा रामनाथ को जाता है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में
विदेशियों और धर्मनिरपेक्ष ब्लागरों के खिलाफ कई हमले हुए हैं।
दावा किया
जाता रहा है कि ये हमले खूंखार आतंकी संगठन आईएस ने कराए हैं, जबकि सरकार
ने इसके पीछे इस्लामी कट्टरपंथियों का हाथ बताया है।