फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Benjamin Netanyahu says Israel will defend itself, after US say it will withdraw troops from Syria

सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के एलान पर नेतन्याहू ने कहा- इजराइल अपनी रक्षा खुद करेगा

Thu, 20 Dec 2018 12:19 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 20 Dec 2018 12:19 PM IST
विज्ञापन
Benjamin Netanyahu says Israel will defend itself, after US say it will withdraw troops from Syria
benjamin netanyahu
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की योजना पर बुधवार को कहा कि इजराइल अपनी रक्षा खुद करेगा। नेतन्याहू ने अमेरिकी सैनिकों की सीरिया से वापसी के मुद्दे पर कहा कि उन्होंने इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चर्चा की है।
विज्ञापन


इजराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय से अंग्रेजी में जारी बयान में नेतन्याहू ने कहा, "हम इसकी समय सारणी देखेंगे, यह (सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी) किस तरह क्रियान्वित होगी... नि:संदेह... हमारे लिए इसकी जटिलताएं हैं। किसी भी स्थिति में हम इजराइल की सुरक्षा बनाए रखने पर ध्यान देंगे और इस क्षेत्र में स्वयं की रक्षा करेंगे।" 
विज्ञापन


इजाराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने वाशिंगटन की योजना पर मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से बात की थी।

अमेरिका सभी सैनिकों को बुलाएगा वापस

ट्रंप ने ट्वीट किया, "हमने सीरिया में आईएसआईएस को हरा दिया है, वहां होने का मेरा एक यही उद्देश्य था।" 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीरिया से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का संकेत दिया जिसकी पुष्टि बाद में एक अमेरिकी अधिकारी ने भी की। अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, "पूर्ण वापसी, पूरी तरह।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी सीरिया में लगभग दो हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनमें से ज्यादातर आईएस से लड़ रहे स्थानीय लड़ाकों को प्रशिक्षण और परामर्श देने के मिशन पर हैं। अधिकारी ने कहा कि सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी जल्द से जल्द होगी। हालांकि उन्होंने इसका कोई समय नहीं बताया। 

इजराइल का विरोधी है सीरिया

साल 2011 में युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने सीरिया पर दर्जनों हमले किए हैं और ईरानी ठिकानों, हिज्बुल्ला के ठिकानों तथा आतंकवादियों के काफिलों को निशाना बनाया है। ईरान और हिज्बुल्ला दोनों सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थन करते हैं और इजराइल के विरोधी हैं। 

विश्लेषकों ने आगाह किया है कि यदि सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी हुई तो वहां रूसी और ईरानी सहयोगियों के समर्थन से असद का प्रभाव बढ़ सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed