फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   bangladesh has shut down 32 online news websites

बांग्लादेश की सरकार ने 32 न्यूज वेबसाइट को किया बैन, उठे विरोध के स्वर

Fri, 05 Aug 2016 03:20 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली Updated Fri, 05 Aug 2016 03:20 PM IST
विज्ञापन
bangladesh has shut down 32 online news websites
प्रधानमंत्री शेख हसीना - फोटो : getty images

बांग्लादेश सरकार ने 32 ऑनलाइन न्यूज वेबसाइटों को 'आपत्तिजनक सामग्री' पेश करने के कारण बंद कर दिया है। एक अधिकारी ने कहा कि,'दर्जनों न्यूज वेबसाइट्स बंद की गई हैं और इन न्यूज वेबसाइटों में वे न्यूज साइटें भी हैं जो विपक्ष समर्थक हैं।'

विज्ञापन


न्यूज वेबसाइट्स को बंद करने के बाद बांग्लादेश की सरकार पर सरकारी सेंसरशिप थोपने के आरोप लग रहे हैं। नेशनल टेलीकॉम रेगुलेटर के अध्यक्ष ने कहा कि न्यूज वेबसाइट्स पर 'आपत्तिजनक सामग्री' पाए जाने के बाद इन्हें बंद करने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन


बांग्लादेश के टेली कम्यूनिकेशन एंड रेग्युलेटरी कमीशन(बीटीआरसी) के चेयरमैन शाहजहां महमूद ने कहा कि,'हमने खुफिया विभाग से मिली हिदायत के बाद ही 32 न्यूज पोर्टल्स और वेबसाइट्स को बंद किया है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि'तेज समाचार कवरेज के लिए लोकप्रिय शीर्शान्यूज.कॉम और अमारदेशऑलाइट.कॉम को भी बंद दिया गया है।' इन न्यूज साइट्स को बांग्लादेश की विपक्षी पार्टी का समर्थक माना जाता था।

बांग्लादेश की मीडिया की स्वतंत्रा पर सीधा हमला है

bangladesh has shut down 32 online news websites
sheikh hasina

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पिछले महीने ढाका कैफे हुए आतंकवादी हमले की कवरेज की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। शेख हसीना ने प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स को जिम्मेदारी से कवरेज करने की भी नसीहत दी थी।

शीर्शान्यूज.कॉम के अध्यक्ष इकरामुल हक का कहना है कि,'सरकार की इस कार्रवाई से वह दंग रह गए हैं क्योंकि इसकी वजह से 100 से ज्यादा लोगों को नौकरी गंवानी पड़ेगी।' 

हक ने आगे कहा कि,'इस तरह की कार्रवाई बांग्लादेश की मीडिया की स्वतंत्रा पर सीधा हमला है। सरकार ऐसे मीडिया संस्थानों को बंद कर रही है जिन्हें वे पसंद नहीं करती। सरकार मीडिया को पूरी तरह अपने कंट्रोल में करना चाहती है।'

इकरामुल हक कहते हैं,'न्यजू पोर्टल्स को बंद करके सरकार अन्य मीडिया संस्थानों को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वे ऐसे मीडिया संस्थानों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी जो सरकार का विरोध करेंगे।'

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed