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बांग्लादेश में इमारत ढहने से 100 की मौत
Updated Wed, 24 Apr 2013 06:53 PM IST
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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक आठ मंजिला इमारत के ढहने से कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
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सरकारी अधिकारियों ने बताया कि घटना में करीब 200 लोग घायल हुए हैं।
मलबे को हटाने का काम जोर-शोर से चल रहा है और इस काम में सेना की भी मदद ली जा रही है।
कम से कम 600 लोगों को मलबे से निकाला गया है।
शहर के बाहरी इलाके सावा में स्थित राना प्लाजा में कपड़ों की एक फैक्ट्री, एक बैंक और कई अन्य दुकानें थीं। इमारत सुबह उस समय गिरी जब वहां काफी भीड़-भाड़ थी।
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घटनास्थल के आस-पास बड़ी संख्या में भीड़ जमा है और लोग इमारत में काम करने वाले अपने परिजनों और दोस्तों की तलाश में जुटे हैं।
दरार
स्थानीय निवासी तहसीन महमूद ने बीबीसी से कहा कि इमारत गिरते ही मेरे दोस्त रक्तदान के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि वहां अफरातफरी का माहौल है।
ढाका में बीबीसी संवाददाता अनबरसन एथिराजन के मुताबिक इमारत गिरने के कारणों का अभी पता नहीं चला है लेकिन स्थानीय मीडिया का कहना है कि इमारत में मंगलवार को एक दरार देखी गई थी।
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हमारे संवाददाता ने बताया कि बचावकर्मी कंक्रीट को काटने वाली मशीनों और क्रेन का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि मलबे में फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके।
करीब स्थित एक अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि उनके अस्पताल में बड़ी संख्या में घायलों को लाया जा रहा है लेकिन अस्पताल में इतने ज्यादा घायलों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
डॉक्टर इमरूल हसन वारसी ने बीबीसी से कहा, “मैंने इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को इस अस्पताल में नहीं देखा है।”
नजरअंदाज
स्थानीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद असदुजमां ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया कि दरार आने के बाद मजदूरों के इमारत में नहीं जाने की चेतावनी दी गई थी लेकिन ऐसा लगता है कि फैक्ट्री के मालिकों ने इसे नजरअंदाज किया था।
पुलिस ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इमारत का पिछला हिस्सा बुधवार सुबह ढहना शुरू हो गया और देखते ही देखते इमारत ज़मींदोज़ हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि इमारत के भूमिगत तल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सेना के जवान, दमकल विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग मलबा हटाने में लगे हुए हैं।
इस हादसे के बाद विपक्षी दलों ने बुधवार को आयोजित बंद को रद्द कर दिया है।
आपबीती
हादसे में बाल-बाल बचे कई लोगों ने स्थानीय मीडिया से अपनी आपबीती सुनाई। कपड़ों की फैक्ट्री में काम करने वाले एक मजदूर ने एक निजी चैनल सोमोय टीवी से कहा, “मैं फैक्ट्री के कपड़ा काटने वाले खंड में था कि तभी मैंने ज़ोरदार आवाज़ सुनी और कुछ ही मिनटों में इमारत ढह गई।”
उन्होंने कहा, “मैंने मलबा हटाया और दो साथियों के साथ बाहर आ गया लेकिन मेरे कम से कम 30 साथी अभी लापता हैं।”
बांग्लादेश में इमारतों का गिरना कोई नई बात नहीं है क्योंकि देश में कई बहुमंज़िला इमारतें नियमों की अनदेखी करके बनाई गई हैं।
हादसे
नवंबर में ढाका के बाहरी इलाक़े में स्थित कपड़ों की एक फैक्ट्री में आग लगने से 110 लोग मारे गए थे और इससे इंडस्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर जनता में काफी रोष व्याप्त हो गया था।
इस घटना के बाद बांग्लादेश से कपड़े आयात करने वाली पश्चिमी देशों की कंपनियों ने फैक्ट्री मालिकों से आग्रह किया था कि वे अपने यहां सुरक्षा मानकों में सुधार करें। बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग दुनिया की सबसे बड़ी का गारमेंट इंडस्ट्रीज में से एक है।
साल 2010 में ढाका में एक चार मंजिला इमारत के ढह जाने से 25 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।