बांग्लादेश ने लगाई जाकिर नाईक के पीस टीवी पर पाबंदी
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रविवार को बांग्लादेश सरकार ने विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाईक के पीस टीवी चैनल पर पाबंदी लगा दी है। एक कैफे पर अब तक के जघन्य आतंकी हमले में शामिल कुछ आतंकियों के नाईक के उकसाने वाले भाषणों से प्रेरित होने की रिपोर्ट के बाद बांग्लादेश सरकार ने यह कदम उठाया है। पहली जुलाई को हुए इस आतंकी हमले में 22 लोगों की मौत हुई थी।
मुंबई में रहने वाले नाईक के ‘पीस टीवी बांग्ला’ पर पाबंदी का निर्णय कानून-व्यवस्था की कैबिनेट कमेटी की विशेष बैठक में लिया गया। यह जानकारी इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले उद्योग मंत्री आमिर हुसैन अमू ने दी।
अमू ने बताया कि इस बैठक में वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल थे। यहां शुक्रवार की नमाज के दौरान दिए जाने वाले धर्मोपदेशों पर नजर रखने का निर्णय भी लिया गया ताकि इस बात की जांच की जा सके कि कहीं भड़काऊ भाषण तो नहीं दिए जाते।
बांग्लादेश के गृहमंत्री असद्दुज्जमां ने शनिवार को कहा था कि खुफिया एजेंसियां नाईक के भाषण और गतिविधियों की जांच कर रहे हैं और वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। उन्होंने कहा था कि एजेंसियां बांग्लादेश में नाईक के वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।
अब भी मुर्दाघर में ही हैं छह हमलावरों के शव
ढाका के लोकप्रिय कैफे पर हमला करने वाले छह युवा आतंकी के शव अब भी बांग्लादेशी मिलिट्री हॉस्पिटल में पड़े हैं। पुलिस ने बताया कि कोई भी व्यक्ति इनके शव लेने नहीं आया है। छह में से पांच आतंकियों की पहचान निब्रस इस्लाम, रोहन इम्तियाज, मीर साबेह मुबाशीर, खैरुल इस्लाम पायेल और सैफुल इस्लाम के तौर हुई है।
एक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, सैफुल के परिवार ने मौखिक रूप से उसके शव की मांग की थी लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई लिखित आवेदन नहीं आया है।
आतंक से लड़ाई के लिए अमेरिका ने की बांग्लादेश को विशेषज्ञता की पेशकश
अमेरिका की सहायक विदेश मंत्री (दक्षिण एवं मध्य एशिया) दो दिवसीय दौरे के तहत रविवार को बांग्लादेश पहुंचीं। उन्होंने बांग्लादेश को आतंकवाद से निपटने की अपनी विशेषज्ञता की पेशकश की। बांग्लादेश पहुंचने के तुरंत बाद वह बांग्लादेश के विदेश मंत्री एएच महमूद अली और विदेश सचिव मोहम्मद शाहिदुल हक से मुलाकात की।
हाल ही में हुए दो आतंकी हमलों के बाद वह मुस्लिम बहुल देश में हिंसक चरमपंथ और आतंक से लड़ने जैसे मुद्दों पर बांग्लादेशी मंत्रियों से चर्चा करेंगी। बिसवाल ने कहा, ‘बांग्लादेश हमेशा की तरह बलवान रहे इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।’