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ऑस्ट्रेलिया: बिना ब्रांडिंग के सिगरेट पैकेट

Thu, 06 Dec 2012 05:58 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 06 Dec 2012 05:58 PM IST
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australia bans branding on cigarette packaging

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का ऐसा पहला मुल्क बन गया है जहां सिगरेट के पैकटों पर किसी तरह की ब्रांडिंग नहीं होगी। यहां सिगरेट के पैकेटों पर तम्बाकू कंपनियों के खास तरह के निशान और रंगों के इस्तेमाल पर रोक लग गई है।

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सिगरेट बनाने वाली कंपनियों को पैकेटों पर अब अपने ब्रांड की जगह धूम्रपान के खिलाफ चेतावनी देने वाले संदेश छापने होंगे। तम्बाकू कंपनियों को बस इतनी रियायत दी गई है कि वे पैकेट के निचले हिस्से में बहुत छोटे अक्षरों में अपना और अपने ब्रांड का नाम छाप सकती हैं।
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'ग्लैमर खत्म'
ऑस्ट्रेलिया की स्वास्थ्य मंत्री तान्या प्लीबर्सेक का कहना है कि इस मरते हुए उद्योग के लिए ये एक आखिरी सांस है। धूम्रपान का विरोध करने वाले समूह 'एश' की ऐन जोन्स इससे सहमति जताती हैं। वे कहती हैं कि सादी पैकिंग ने सिगरेट के पैकेटों से जानेमाने चेहरों को अलग कर दिया है। इस तरह आप सिगरेट के साथ जुड़े ग्लैमर को खत्म कर देते हैं।
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ऑस्ट्रेलिया में अभी तक सिगरेट के पैकेट ही तम्बाकू कंपनियों के लिए प्रचार का आखिरी माध्यम बना हुआ था। देश में टीवी और रेडियो पर सिगरेट के विज्ञापन प्रसारित नहीं किए जा सकते। ये प्रतिबंध वर्ष 1976 से लागू है और अखबारों के मामले में भी ये रोक वर्ष 1989 से लगी हुई है।

विरोध के स्वर
सिडनी में ब्रिटिश-अमरीकी तम्बाकू कारखाने में भीमकाय मशीनों से हजारों सिगरेट की पैकिंग होती है। बैट उन कंपनियों में से एक है जिसने अदालत में सादी पैकेजिंग को रोकने की कोशिश की थी। बैट के स्कॉट मैकइन्ट्रे का कहना है कि हालांकि वो मुकदमा हार गए हैं पर उनका मानना है कि बिना ब्रांड वाले पैकेटों से इसके आदी लोग धूम्रपान करना बंद नही करेंगे।


वे कहते हैं कि हमारी कंपनी कानूनी है और लंबे समय से कानून के तहत ही हम उत्पादन करते आ रहे हैं। इससे कई गंभीर परिणाम होंगे। बिना लोगो के तबाकू का अवैध माल बाजार में आ जाएगा और इसके बाद अदालती मुकदमें भी बढ़ेंगे।

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