सीरिया पर की बमबारी, जानें अमेरिका के टारगेट पर क्या है
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अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने शनिवार सुबह सीरिया में अलग-अलग सरकारी ठिकानों पर बमबामी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि ये हमले उन जगहों पर किए जा रहे हैं जहां कथित तौर पर रासायनिक हथियार रखे हैं। डूमा में पिछले हफ्ते संदिग्ध रासायनिक हमलों के जवाब में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ये हमला किया है। हालांकि अमेरिका ने इस हमले की चेतावनी पहले ही दे दी थी और सीरिया ने अपनी वायुसेना और हवाई रक्षा प्रणाली को देश भर में हाई अलर्ट पर कर दिय था। अमेरिका ने सीरिया को धमकी दी थी कि सात अप्रैल को हुए हमले में अगर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो सीरियाई सरकार को 'बड़ी कीमत' चुकानी होगी।
अमेरिका के संभावित टारगेट
अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन पहले ही इस पर सहमत हो गए थे कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस रासायनिक हमले का जवाब देना होगा। जबकि सीरिया सरकार के कुछ विरोधी गुटों ने ऐसे किसी भी संभावित हमले के स्तर को कमतर करके आंका था। उनका कहना था कि यह हमले संभवत: सिर्फ रासायनिक हथियारों वाली जगह पर होंगे और इसका मकसद राष्ट्रपति बशर अल-असद को कमजोर करना नहीं होगा। विपक्षी ओरिएंट न्यूज वेबसाइट ने 9 अप्रैल को ऐसे संभावित एयरबेस और एयरपोर्ट की सूची जारी की थी जिसे निशाना बनाया जा सकता है। आइये जानते हैं, कौन से हैं वो अड्डे।
तियस या टी-फॉर एयरबेस
होम्स शहर के नजदीक स्थित यह देश का सबसे बड़ा सैन्य हवाई अड्डा है। ओरिएंट और विपक्षी एनाब बलादी अखबार ने रिपोर्ट किया था कि यहां पर 54 सीमेंट हैंगर्स (हवाई जहाज खड़ी करने की जगह) और दो रनवे हैं, जिनमें से एक तकरीबन तीन किलोमीटर लंबा है। साथ ही यहां लड़ाकू जहाजों की एक लंबी फेहरिस्त है जिनमें मिग-29एस और 27एस समेत सुखोई एसयू-35एस जैसे विमान शामिल हैं। एनाब बलादी के अनुसार, यहां छोटी दूरी के रडार, टैंक और आधुनिक सैन्य हथियार हैं। पहले भी इस हवाई अड्डे पर कई बार हमले हो चुके हैं। हाल में 9 अप्रैल को हमला हुआ था जिसमें ईरान के कई 'सैन्य सलाहकार' मारे गए थे। सीरिया ने इस हमले के लिए इसराइल को जिम्मेदार ठहराया था।
डूमा में हमला करने वाले वाले हेलिकॉपटर ने यहीं से भरी थी उड़ान
अल-दुमैर
देश की राजधानी से 40 किलोमीटर दूर उत्तर-पूर्व में अल-दुमैर सैन्य हवाई अड्डा है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा एयरबेस है। ओरिएंट समाचार वेबसाइट के अनुसार, सात अप्रैल को डूमा में जिस हेलिकॉप्टर से कथित रासायनिक हथियार से हमला किया गया था, उसने यहीं से उड़ान भरी थी। ऑरिएंट के अनुसार, यहां 50 हैंगर्स हैं जिनमें से आठ अंडरग्राउंड हैं। वेबसाइट का कहना है कि यहां पर कई आधुनिक विमान हैं जिनमें मिग-23एस, 24एस और 27एस समेत सुखोई एसयू-22 लड़ाकू विमान शामिल हैं। कहा जाता है कि यहां रूसी सेनाओं और सलाहकारों की भारी मौजूदगी है।
हमा एयरबेस
हमा शहर के नजदीक इस सैन्य हवाई अड्डे को सीरियाई वायु सेना संचालित करती है। देश के महत्वपूर्ण अड्डों मे से यह एक है। ओरिएंट न्यूज के अनुसार, यहां 17 हैंगर्स हैं और मिग-21एस विमान समेत यहां पर एमआई-8 और एमआई-2 हेलिकॉप्टर भी हैं।
शयरात एयरबेस
ये सैन्य हवाई अड्डा होम्स शहर के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। ओरिएंट न्यूज और एनाब बलादी का कहना है कि यहां पर 40 हैंगर्स हैं और मिग-23एस, 25एस और सुखोई एसयू-25एस जैसे लड़ाकू विमान हैं। वेबसाइट के अनुसार, यहां पर दो मुख्य रनवे हैं और रूसी एसए-6 एयर मिसाइल के साथ मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली है। अप्रैल 2017 में खान शेखून शहर में रासायनिक हमले के बाद अमेरिका ने यहां पर हमला किया था। हालांकि, सीरिया सरकार ने उसके तुरंत बाद ही अपना काम शुरू कर दिया था।
22 हैंगर्स और कई लड़ाकू विमान हैं मेजेह एयरबेस पर
मेजेह एयरबेस
राजधानी दमिश्क से दक्षिण-पश्चिम में मेजेह सैन्य हवाई अड्डा है। ओरिएंट न्यूज के अनुसार, यहां 22 हैंगर्स और कई लड़ाकू विमान हैं। कहा जाता है कि सीरियाई सेना की जानी-मानी फोर्थ डिविजन फोर्स और खुफिया सेवा इसका इस्तेमाल करती है। ओरिएंट न्यूज और एनाब बलादी के अनुसार, वायु सेना का खुफिया विभाग इसको हिरासत केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल करता है।
अल-नयराब एयरबेस
यह सैन्य हवाई अड्डा अलेप्पो अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के नजदीक स्थित है। एनाब बलादी के अनुसार, यहां पर आठ हैंगर्स हैं और साथ ही इराक और लेबनान सरकार समर्थित लड़ाके यहां पहुंचते हैं। सीरियाई तट पर मैमीम बेस भी है। इस अड्डे को शायद ही निशाना बनाया जाए क्योंकि यह रूस के कब्जे में है। देर अल-जूर एयरबेस यह देश के पूर्व में देर अल-जूर शहर में स्थित है। यह संभावित निशाना हो सकता है। सीरिया सेना के सितंबर 2017 में सैन्य अभियान से पहले यह इस्लामिक स्टेट समूह के कब्जे में था।
अल-सीन एयरबेस
दमिश्क से 80 किलोमीटर की दूरी पर अल-सीन सैन्य हवाई अड्डा है। यहां पर 36 हैंगर्स और दो रनवे हैं। 10 अप्रैल को विपक्षी केंद्रों ने यह रिपोर्ट दी थी कि सीरियाई सरकार ने अल-सीन और शयरात अड्डों से कई लड़ाकू विमानों को हटाकर अल-नयराब एयरबेस और दमिश्क एयरपोर्ट पर भेज दिया है।
सेना की लोकेशन
ओरिएंट न्यूज के अनुसार, सैन्य हवाई अड्डों के अलावा ऐसे भी कुछ सेना के केंद्र हैं जहां हमले किए जा सकते हैं। वेबसाइट ने ऐसे कई स्थानों के बारे में बताया है जिनमें से अधिकतर राजधानी दमिश्क के नजदीक हैं। इन जगहों पर फोर्थ डिविजन, रिपब्लिकन गार्ड और थर्ड डिविजन के बेस हैं जिन्हें हाल ही में एलीट फोर्स में तब्दील किया है और ये फोर्स सीधा राष्ट्रपति बशर अल-असद को रिपोर्ट करती है। इसके अलावा ऐसे भी कई स्थान हैं जहां कथित तौर पर सीरियाई सरकार हथियार बनाती और रखती है, उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
वैज्ञानिक अध्ययन अनुसंधान केंद्र (एसएसआरसी)
राजधानी से उत्तर में जमराया गांव में स्थित एसएसआरसी काफी प्रसिद्ध है। ऐसा संदेह है कि पहले भी जो हमला हुआ था वो इसराइली विमानों ने किया था। खासकर अमेरिका समेत कई पश्चिमी ताकतें सीरियाई सरकार पर यह आरोप लगाती रही हैं कि वह एसएसआरसी में रासायनिक और गैर-पारंपरिक हथियार बनाती है। एसएसआरसी की कई शाखाएं हैं जहां हुए हमलों का संदेह इजराइली लड़ाकू विमानों पर है। सीरियाई सरकार का कहना है कि यह नागरिकों के लिए अनुसंधान संस्थान हैं।
अल-सफीरा
अलेप्पो प्रांत में अल-सफीरा शहर सीरिया का सबसे बड़ा सैन्य निर्माण सुविधा केंद्र है। एनाब बलादी का कहना है कि वायु रक्षा ब्रिगेड इस केंद्र की निगरानी करती है। समाचार वेबसाइट के अनुसार, यहां खुफिया शोध केंद्र भी है और यहां एक इमारत है जिसमें रासायनिक हथियारों पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है और किसी को भी इसमें जाने की अनुमति नहीं है।