फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   attack in bangladesh's capital dhaka

बांग्लादेश के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- ढाका हमले को था ISI का समर्थन

Sun, 03 Jul 2016 05:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 03 Jul 2016 05:21 PM IST
विज्ञापन
attack in bangladesh's capital dhaka
- फोटो : Reuters

बीते शुक्रवार की रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित कैफे में हुए हमले में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार हुसैन तौफीक इमाम ने कहा है कि इस हमले को पाक की खुफिया एजेंसी और वहां के सैनिक जासूसों का समर्थन था। 

विज्ञापन


एनडीटीवी से बात करते हुए इमाम ने कहा कि जिस प्रकार से लोगों को बंधक बनाया गया है और उन बंधको में से एक 19 साल की भारतीय छात्रा तारिषी जैन का होना शक पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में इस बात की आशंका भी जाहिर की जा रही है कि आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन की भूमिका भी हो सकती है।
विज्ञापन


इमाम ने यह भी कहा कि आईएसआई और जमात के संबंध छिपे नहीं है। यह सभी जानते हैं। वे लोग देश की मौजूदा सरकार को हटाना चाहते हैं। सभी की हत्या धारदार हथियारों से की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आईएस ने ली थी जिम्मेदारी

attack in bangladesh's capital dhaka

बता दें कि खूंखार आतंकी संगठन आईएस के आतंकवादियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक मशहूर कैफे में एक भारतीय लड़की समेत 20 बंधकों को गला रेत कर मार डाला था। बाकी 19 में से ज्यादातर इटली और जापान के नागरिक थे।

शुक्रवार से बंधक  बनाए गए इन लोगों को छुड़ाने के लिए शनिवार सुबह शुरू की गई बांग्लादेशी कमांडो की कार्रवाई में छह आतंकी भी ढेर हो गए थे और बकि एक को जिंदा दबोच लिया गया था। आईएस ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ले ली थी।

इस हमले में पूरा सुरक्षा तंत्र उलझा हुआ है क्योंकि आतंकवादियों ने असलहे और स्वचलित बंदूक मौजूद होने के बावजूद बंधकों की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या की है। एजेंसियों का मानना है कि गला रेतने के आईएस के कुख्यात तरीके का इस्तेमाल सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरे उप महाद्वीप के लिए चेतावनी है।

Published By Rahul Sankrityayan

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed