बांग्लादेश के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- ढाका हमले को था ISI का समर्थन
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बीते शुक्रवार की रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित कैफे में हुए हमले में प्रधानमंत्री शेख हसीना के सलाहकार हुसैन तौफीक इमाम ने कहा है कि इस हमले को पाक की खुफिया एजेंसी और वहां के सैनिक जासूसों का समर्थन था।
एनडीटीवी से बात करते हुए इमाम ने कहा कि जिस प्रकार से लोगों को बंधक बनाया गया है और उन बंधको में से एक 19 साल की भारतीय छात्रा तारिषी जैन का होना शक पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस हमले में इस बात की आशंका भी जाहिर की जा रही है कि आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन की भूमिका भी हो सकती है।
इमाम ने यह भी कहा कि आईएसआई और जमात के संबंध छिपे नहीं है। यह सभी जानते हैं। वे लोग देश की मौजूदा सरकार को हटाना चाहते हैं। सभी की हत्या धारदार हथियारों से की गई है।
आईएस ने ली थी जिम्मेदारी
बता दें कि खूंखार आतंकी संगठन आईएस के आतंकवादियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक मशहूर कैफे में एक भारतीय लड़की समेत 20 बंधकों को गला रेत कर मार डाला था। बाकी 19 में से ज्यादातर इटली और जापान के नागरिक थे।
शुक्रवार से बंधक बनाए गए इन लोगों को छुड़ाने के लिए शनिवार सुबह शुरू की गई बांग्लादेशी कमांडो की कार्रवाई में छह आतंकी भी ढेर हो गए थे और बकि एक को जिंदा दबोच लिया गया था। आईएस ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ले ली थी।
इस हमले में पूरा सुरक्षा तंत्र उलझा हुआ है क्योंकि आतंकवादियों ने असलहे और स्वचलित बंदूक मौजूद होने के बावजूद बंधकों की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या की है। एजेंसियों का मानना है कि गला रेतने के आईएस के कुख्यात तरीके का इस्तेमाल सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरे उप महाद्वीप के लिए चेतावनी है।
Published By Rahul Sankrityayan