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म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के रखवाले हैं अताउल्लाह अबू अम्मार जुनूनी

Sun, 10 Sep 2017 10:11 AM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Sun, 10 Sep 2017 10:11 AM IST
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Ataullah abu Ammar Jununi is the care taker of Rohingya Muslims in Myanmar
Rohingya Refugee Crisis

आराकान रोहिंग्या रक्षा सेना म्यांमार के उत्तरी सूबे रख़ाइन में सक्रिय एक सशस्त्र संगठन है। ये संगठन रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहा है और इसके ज़्यादातर सदस्य बांग्लादेश से आए अवैध शरणार्थी बताए जाते हैं। इस संगठन की अगुवाई अताउल्लाह नाम का एक शख्स कर रहा है। अताउल्लाह वीडियो संदेशों के जरिए रखाइन में अपने संगठन की गतिविधियों के बारे में बताता रहता है।

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सऊदी अरब चला गया अताउल्लाह का परिवार
अंतरराष्ट्रीय संकट समूह (आईसीजी) के मुताबिक एक रोहिंग्या शरणार्थी के बेटे अताउल्लाह अबू अम्मार जुनूनी की पैदाइश पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की है। अताउल्लाह जब नौ साल के थे तो उनका परिवार सऊदी अरब चला गया।
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मार्च के महीने में अताउल्लाह ने एक अज्ञात स्थान से समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए अपने इंटरव्यू में कहा था कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक म्यांमार की नेता आंग सान सू की उन्हें बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाती हैं। भले इस लड़ाई में लाखों लोगों की जान क्यों न चली जाए।

आराकान रोहिंग्या रक्षा सेना
म्यांमार की सरकार की नजर में आराकान रोहिंग्या रक्षा सेना एक आतंकी संगठन है। अताउल्लाह विदेशी इस्लामी आतंकियों से संबंध रखने के आरोपों से इनकार करते हैं। अताउल्लाह का कहना है कि उनकी लड़ाई देश के बौद्ध बहुमत के दमन के खिलाफ है।

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उन्होंने कहा, "अगर हमें हमारे हक नहीं मिलते और अगर इस लड़ाई में लाखों रोहिंग्या मुसलमानों की जान चली जाती है तो हम मरते दम तक तानाशाह सैनिक सरकार के खिलाफ लड़ते रहेंगे। हम रात के वक्त रोशनी नहीं जला सकते। हम दिन के वक्त एक जगह से दूसरे जगह नहीं जा सकते। हर जगह नाकाबंदी है। जिंदगी जीने का ये तो कोई तरीका नहीं है।"

बांग्लादेश की तरफ पलायन कर गए हजारों मुसलमानों

Ataullah abu Ammar Jununi is the care taker of Rohingya Muslims in Myanmar
रोहिंग्या मुसलमान

अगस्त में पुलिस चौकियों पर आराकान रोहिंग्या रक्षा सेना के सशस्त्र हमलावरों ने कथित तौर पर हमला किया जिसके बाद रख़ाइन में रोहिंग्या मुसलमानों का संकट गहरा गया। इसके बाद म्यांमार के सुरक्षा बलों की कार्रवाई शुरू और तब से हजारों मुसलमानों बांग्लादेश की तरफ़ पलायन कर गए हैं।

नरसंहार और गैंग रेप को अंजाम
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि म्यांमार के सुरक्षा बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर नरसंहार और गैंग रेप को अंजाम दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे मानवता के विरुद्ध अपराध करार दिया है। हालांकि म्यांमार की सेना इन आरोपों से इनकार करती है और उसका कहना है कि उसने वैध तरीके से आतंक विरोधी अभियान चलाया है।

म्यांमार के उत्तर पश्चिमी इलाके के रखाइन प्रांत में दस लाख से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं लेकिन उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे बुनियादी नागरिक अधिकारों से मरहूम रखा गया है।

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