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मेहुल चोकसी : एंटीगुआ बोला, पहले भारत ने दी थी क्लीनचिट, उसके बाद दी गई नागरिकता

Fri, 03 Aug 2018 12:23 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 03 Aug 2018 12:23 PM IST
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 Antiguan authorities on mehul Choksi Citizenship granted after due diligence
mehul choksi
पंजाब नेशनल बैंक सहित कई बैंकों को हजारों करोड़ों रुपये का चूना लगाकर देश छोड़ कर भागे भगोड़े मेहुल चौकसी को नागरिकता देने पर एंटीगुआ सरकार ने सफाई दी है। एंटीगुआ सरकार ने कहा कि भारत सरकार ने भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को क्लीन चिट दी थी उसके बाद ही उसे नागरिकता दी गई है। 
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 एंटीगुआ ने यह भी कहा है कि भारत सरकार से चोकसी के खिलाफ कोई सूचना नहीं थी। यहां तक की सेबी ने भी चोकसी के नाम पर मंजूरी दी थी। चोकसी के बैकग्राउंड की सख्ती से जांच की गई, लेकिन उसके खिलाफ न तो भारत सरकार ने और न ही सेबी ने कुछ सबूत पेश किए। 
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भारतीय एजेंसियों ने एंटीगुआ को बताया कि जब कैरेबियाई देश ने 2017 में मेहुल चोकसी को नागरिकता देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच की थी तब भगोड़े अरबपति के खिलाफ कोई मामला नहीं था।  एंटीगुआ के अखबार डेली ऑब्जर्वर ने ‘सिटीजनशिप बाइ इन्वेस्टमेंट यूनिट ऑफ एंटीगुआ एंड बारबूडा’ के एक बयान के हवाले से बताया कि मई 2017 में एंटीगुआ में नागरिकता के लिए चोकसी के आवेदन के साथ स्थानीय पुलिस से मंजूरी भी दी गई थी। 
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चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर के घोटाले के कथित मास्टरमाइंड में से एक है और वह भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी का रिश्तेदार भी है।

खबर में कहा गया है, ‘‘भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, मुंबई से मिले पुलिस मंजूरी प्रमाणपत्र के अनुसार मेहुल चीनूभाई चोकसी के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है जो उन्हें एंटीगुआ और बारबूड़ा के लिए वीजा समेत यात्रा सुविधाएं देने के अयोग्य ठहराता हो।’’ 

इसमें कहा गया है कि द्वीपीय देश के अधिकारियों ने इंटरपोल समेत वैश्विक एजेंसियों से चोकसी के बारे में व्यापक छानबीन की थी कि कहीं उनके खिलाफ किसी भी अपमानजनक सूचना का कोई मामला तो नहीं है।

खबर के मुताबिक, जांच के तौर पर एंटीगुआ प्रशासन को 2014 और 2017 में चोकसी की कंपनियों के खिलाफ सेबी की कार्रवाई के दो मामलों के बारे में पता चला तथा उसने उनसे और जानकारी मांगी थी।


सेबी ने कैरिबियाई प्रशासन को बताया था कि एक मामला बंद कर दिया गया है और दूसरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं थे। सिटीजनशिप फ्रॉम इन्वेस्टमेंट यूनिट ने कहा कि अगर नागरिकता के आवेदन के समय चोकसी के खिलाफ कोई वारंट होता तो इंटरपोल इसके बारे में बताता और यह राष्ट्रीय आपराधिक डेटाबेस में भी होता है। 

चोकसी इस साल चार जनवरी को भारत से भाग गया था और उसने 15 जनवरी को एंटीगुआ में शरण ली थी। नवंबर 2017 में उसे एंटीगुआ की नागिरकता मिल चुकी थी। 
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