भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है अमेरिका: पोम्पियो
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि ट्रंप सरकार भारत के साथ मिलकर कड़ी मेहनत कर रही है, ताकि उनकी अर्थव्यवस्था को बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रयास ट्रंप प्रशासन की इंडो-पैसेफिक स्ट्रेटजी का हिस्सा है।
पोम्पियो ने कहा, हमारी इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटजी सही रास्ते पर है और यह न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि अमेरिका के लिए के लिए भी उपयोगी है। पोम्पियो का यह बयान तब आया है जब एक हफ्ते पहले ही एक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर आया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच व्यापार, कर समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
2025 तक दोनों देशों के बीच व्यापार 16.42 लाख करोड़ होगा। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रींगला ने कहा था कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार 2018 में लगभग 9.8 लाख करोड़ रुपये (142 बिलियन अमेरिका डॉलर) से बढ़कर 2025 में लगभग 16.42 लाख करोड़ रुपये (238 बिलियन अमेरिकी डॉलर) हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विकास की वृद्धि दर को बढ़ाने में लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विशेषकर एसएमई में डिजिटल मार्केटप्लेस की बढ़ती भूमिका भारत-अमेरिका सहयोग के लिए बेहतर हालात बना रही है।
रिश्तों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत
एक भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेता ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध पिछले दो दशकों से बहुत ही अच्छे रहे हैं और यदि दोनों देश इसे आगे भी जारी रखना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें अपने व्यापारिक मतभेदों को हल करने के लिए कदम उठाना होगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भारत ने अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों की दिशा में एक कड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका से आयात किए जाने वाले 28 वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ा दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि भारत का यह रवैया ज्यादा दिनों के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।