अमरीका को मिला कई अरब देशों का साथ
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इस्लामिक स्टेट के जिहादियों के खतरे से निपटने के लिए अमरीका और सऊदी अरब समेत दस अरब देशों में सहमति बन गई है। अरब देशों के मंत्रियों और अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी के बीच जेद्दाह में हुई बातचीत में ये सहमति बनी है।
दोनों पक्षों ने बातचीत के बाद बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ एक रणनीति पर चर्चा की ताकि ''इराक और सीरिया समेत जहां कहीं भी इस्लामिक स्टेट हो उसे नष्ट किया जा सके''।
इससे पहले रूस ने चेतावनी दी है कि अगर अमरीका, सीरिया में चरमपंथियों के खिलाफ आक्रमण करता है तो ये 'अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन' होगा। इस्लामिक स्टेट ने उत्तरी इराक और सीरिया के बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया है।
गठबंधन
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया है और कैरी को चरमपंथियों के खिलाफ क्षेत्रीय गठबंधन तैयार करने का काम दिया गया है।
सऊदी अरब के साथ-साथ बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने बैठक के बाद जारी बयान पर दस्तखत किए।
बयान में चरमपंथ के साझा खतरे से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई। नेटो सदस्य तुर्की भी बैठक में शामिल रहा हालांकि उसने बयान पर दस्तखत नहीं किए।
सीरिया ने अपनी चेतावनी को दोहराते हुए कहा है कि उसके इलाके में हवाई हमलों से पहले अमरीका को उसके साथ समन्वय बनाना होगा।