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'वो मेरी ही उम्र का था, जिसने रेप किया'
बीबीसी/वर्ल्ड
Updated Sat, 12 Mar 2016 06:32 PM IST
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अलीसिया कोजीकिएविच सिर्फ 13 साल की थीं जब उनका किया गया बलात्कार
- फोटो : BBC
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अलीसिया कोजीकिएविच सिर्फ 13 साल की थीं जब उनका किया गया बलात्कार, जब वे पिट्सबर्ग के अपने घर से बाहर निकलीं, उस शख्स से मिलने जिससे वे ऑनलाइन चैट किया करती थीं। उसके बाद जो कुछ हुआ, वह किसी बुरे सपने से कम नही था। आज वे 27 साल की हैं और अपनी कहानी बता रही हैं ताकि दूसरों के साथ वैसा न हो। अलीसिया की कहानी, उन्हीं की जुबानी -
यह 2002 का नया साल था। मेरी मां ने पोर्क और सॉरक्रॉत का बेहद स्वादिष्ट खाना बनाया था। मेरी दादी, मां, पिता, भाई और उसकी गर्लफ्रेंड, हम सबने मिलकर खाना खाया। उसके बाद मैं बाहर निकल गई थी। मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं सड़क पर थी, चारों तरफ बर्फ ही बर्फ थी। बिल्कुल सन्नाटा छाया था। मैंने अपने आप से कहा, मैं यह क्या कर रही हूँ।
अपहरण के समय अलीसिया कोजीकिएविच
किसी ने मेरा नाम लेकर मुझे बुलाया। थोड़ी देर बाद मैं एक कार में बैठी थी। मेरा एक स्क्रीन नाम था और मैं अपने दोस्तों से हर तरह की बातें किया करती थी। उन्हीं में एक लड़का था, जो मेरी ही उम्र का लगता था। वो मुझसे काफी बातें किया करता था। मेरी बातें सुनता था, मुझे सलाह दिया करता था। यही वह लड़का था, जिसे मिलने मैं गई थी और जिसकी गाड़ी में बैठ गई थी। लेकिन उसने मेरा हाथ काफ़ी मज़बूती से पकड़ रखा था और गाड़ी चला रहा था। वह मुझसे बीच-बीच में कहता जा रहा था, “शांत हो जाओ, चुपचाप बैठो। मेरा कहा नहीं माना तो तुम्हें उठाकर गाड़ी की डिक्की में डाल दूंगा।” वह मुझे एक मकान के तहखाने में ले गया। उसने कुत्ते को बांधने वाला कॉलर मेरे गले में डाल दिया और बिस्तर पर ले गया। उसने मेरे साथ बलात्कार किया।
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अलीसिया कोज़ीकिएविच को खोजने के लिए निकाला गया नोटिस
उसने मुझे बिस्तर के साथ बांध दिया, मुझे बुरी तरह पीटा। मुझे तरह-तरह की यातनाएं दी और मेरे साथ बलात्कार करता रहा। मेरे साथ ऐसा चार दिन तक होता रहा। मैंने अपने आप से कहा, “शायद वह मेरी हत्या कर दे। पर मैं संघर्ष किए बग़ैर हार नहीं मानूँगी। पर मुझे लगा कि पूरी तरह टूट चुकी थी।” ऐसे में मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आई। मैं जानती थी कि वे मुझे ढूंढ रहे होंगे। वे मुझे यहां से निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे होंगे। पर सवाल यह था कि वे मुझे ज़िंदा पाएंगे या नहीं। आज भी लोग मेरी कहानी सुनते हैं तो उन्हें काफ़ी झटका लगता है। जिस समय मेरा अपहरण हुआ, लोगों के लिए यह समझना नामुमकिन था कि मेरे साथ यह आख़िर कैसे हो गया। वे लोग तो पीड़ित पर ही दोष डाल देते हैं।
मैं और मेरे परिवार के लोगों ने यह तय कर लिया कि मैं दूसरे बच्चों और उनके रिश्तेदारों को इससे बचाऊंगी। हमने यह महसूस किया कि इस तरह की घटना की मुख्य वजह यह है कि उन दिनों इंटरनेट सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा बच्चों को नहीं दी जाती थी। मैं 14 साल की उम्र से ही सबको बताने लगी कि मेरे साथ क्या हुआ था। मैं प्रेज़ेंटेशन देती थी, अपनी कहानी लोगों को सुनाती थी। मेरा यह मिशन आज भी चल रहा है। सख़्त क़ानून न होने से दो प्रतिशत से भी कम मामलों में बच्चों के यौन शोषण की सही-सही जांच हो पाती है। नया क़ानून बनाया गया ताकि इंटरनेट के ज़रिए बच्चों के साथ होने वाले अपराध को रोकने के लिए टास्क फ़ोर्स बनाया जा सके।
इस क़ानून को मेरे नाम पर ही अलीसिया लॉ कहा गया। इस नियम के तहत यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए स्थायी तौर पर व्यवस्था करने का प्रावधान है। अमरीकी राज्य वर्जीनिया, कैलीफ़ोर्निया, केंटकी, टेक्सस, टेनेसी, एरिज़ोना, हवाई और वॉशिंगटन में अलीसिया क़ानून पारित हो चुका है। हम इस कोशिश में हैं कि इसे विस्कॉन्सिन, मेरीलैंड और दक्षिण कैरोलाइना में भी जल्द ही पारित कर दिया जाए। मैं फ़ोरेंसिक साइकोलॉजी में मास्टर्स डिग्री कर रही हूँ। मैंने तय कर लिया है कि उन बच्चों के लिए काम करूंगी, जिनका यौन शोषण हुआ है। मेरे मंगेतर इसमें मेरी भरपूर मदद कर रहे हैं। वे एक नेकदिल इन्सान तो हैं ही, मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। मैं यह मानती हूँ कि बलात्कार पूरी तरह ताक़त और नियंत्रण का मामला है। ऐसा प्रेम में नहीं होता।
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यह 2002 का नया साल था। मेरी मां ने पोर्क और सॉरक्रॉत का बेहद स्वादिष्ट खाना बनाया था। मेरी दादी, मां, पिता, भाई और उसकी गर्लफ्रेंड, हम सबने मिलकर खाना खाया। उसके बाद मैं बाहर निकल गई थी। मुझे अच्छी तरह याद है कि मैं सड़क पर थी, चारों तरफ बर्फ ही बर्फ थी। बिल्कुल सन्नाटा छाया था। मैंने अपने आप से कहा, मैं यह क्या कर रही हूँ।
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अपहरण के समय अलीसिया कोजीकिएविच
किसी ने मेरा नाम लेकर मुझे बुलाया। थोड़ी देर बाद मैं एक कार में बैठी थी। मेरा एक स्क्रीन नाम था और मैं अपने दोस्तों से हर तरह की बातें किया करती थी। उन्हीं में एक लड़का था, जो मेरी ही उम्र का लगता था। वो मुझसे काफी बातें किया करता था। मेरी बातें सुनता था, मुझे सलाह दिया करता था। यही वह लड़का था, जिसे मिलने मैं गई थी और जिसकी गाड़ी में बैठ गई थी। लेकिन उसने मेरा हाथ काफ़ी मज़बूती से पकड़ रखा था और गाड़ी चला रहा था। वह मुझसे बीच-बीच में कहता जा रहा था, “शांत हो जाओ, चुपचाप बैठो। मेरा कहा नहीं माना तो तुम्हें उठाकर गाड़ी की डिक्की में डाल दूंगा।” वह मुझे एक मकान के तहखाने में ले गया। उसने कुत्ते को बांधने वाला कॉलर मेरे गले में डाल दिया और बिस्तर पर ले गया। उसने मेरे साथ बलात्कार किया।
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अलीसिया कोज़ीकिएविच को खोजने के लिए निकाला गया नोटिस
उसने मुझे बिस्तर के साथ बांध दिया, मुझे बुरी तरह पीटा। मुझे तरह-तरह की यातनाएं दी और मेरे साथ बलात्कार करता रहा। मेरे साथ ऐसा चार दिन तक होता रहा। मैंने अपने आप से कहा, “शायद वह मेरी हत्या कर दे। पर मैं संघर्ष किए बग़ैर हार नहीं मानूँगी। पर मुझे लगा कि पूरी तरह टूट चुकी थी।” ऐसे में मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आई। मैं जानती थी कि वे मुझे ढूंढ रहे होंगे। वे मुझे यहां से निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे होंगे। पर सवाल यह था कि वे मुझे ज़िंदा पाएंगे या नहीं। आज भी लोग मेरी कहानी सुनते हैं तो उन्हें काफ़ी झटका लगता है। जिस समय मेरा अपहरण हुआ, लोगों के लिए यह समझना नामुमकिन था कि मेरे साथ यह आख़िर कैसे हो गया। वे लोग तो पीड़ित पर ही दोष डाल देते हैं।
मैं और मेरे परिवार के लोगों ने यह तय कर लिया कि मैं दूसरे बच्चों और उनके रिश्तेदारों को इससे बचाऊंगी। हमने यह महसूस किया कि इस तरह की घटना की मुख्य वजह यह है कि उन दिनों इंटरनेट सुरक्षा से जुड़ी शिक्षा बच्चों को नहीं दी जाती थी। मैं 14 साल की उम्र से ही सबको बताने लगी कि मेरे साथ क्या हुआ था। मैं प्रेज़ेंटेशन देती थी, अपनी कहानी लोगों को सुनाती थी। मेरा यह मिशन आज भी चल रहा है। सख़्त क़ानून न होने से दो प्रतिशत से भी कम मामलों में बच्चों के यौन शोषण की सही-सही जांच हो पाती है। नया क़ानून बनाया गया ताकि इंटरनेट के ज़रिए बच्चों के साथ होने वाले अपराध को रोकने के लिए टास्क फ़ोर्स बनाया जा सके।
इस क़ानून को मेरे नाम पर ही अलीसिया लॉ कहा गया। इस नियम के तहत यौन शोषण से बच्चों को बचाने के लिए स्थायी तौर पर व्यवस्था करने का प्रावधान है। अमरीकी राज्य वर्जीनिया, कैलीफ़ोर्निया, केंटकी, टेक्सस, टेनेसी, एरिज़ोना, हवाई और वॉशिंगटन में अलीसिया क़ानून पारित हो चुका है। हम इस कोशिश में हैं कि इसे विस्कॉन्सिन, मेरीलैंड और दक्षिण कैरोलाइना में भी जल्द ही पारित कर दिया जाए। मैं फ़ोरेंसिक साइकोलॉजी में मास्टर्स डिग्री कर रही हूँ। मैंने तय कर लिया है कि उन बच्चों के लिए काम करूंगी, जिनका यौन शोषण हुआ है। मेरे मंगेतर इसमें मेरी भरपूर मदद कर रहे हैं। वे एक नेकदिल इन्सान तो हैं ही, मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। मैं यह मानती हूँ कि बलात्कार पूरी तरह ताक़त और नियंत्रण का मामला है। ऐसा प्रेम में नहीं होता।