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अमेरिका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया जाना भी हुआ कठिन, देनी होगी 'खास' परीक्षा

Thu, 20 Apr 2017 02:14 PM IST
amarujala.com-Presented by- जया पाण्डेय
amarujala.com-Presented by- जया पाण्डेय Updated Thu, 20 Apr 2017 02:14 PM IST
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After scrapping 457 visa, Australia changes it's citizenship laws
डेमो पिक

ऑस्ट्रेलिया ने 457 वीजा कार्यक्रम रद्द करने के बाद अब नागरिकता कानून को भी काफी कठिन बना दिया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने गुरुवार को नए नागरिकता कानून की घोषणा की। इस नए फैसले की मार भारतीय नौकरीपेशा युवाओं पर भी पड़ेगी। 

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ऑस्ट्रेलिया के नए नागरिकता कानून के तहत अब आवेदक को कम से कम चार साल तक ऑस्ट्रेलिया का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदक को आस्ट्रेलियाई मूल्यों को अपनाने को लेकर प्रतिबद्ध होना चाहिए। 
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आवेदक को एक अंग्रेजी टेस्ट भी पास करना होगा जो महिलाओं एवं बच्चों के सम्मान पर केंद्रित होगा। इसमें बाल विवाह, महिला खतना और घरेलू हिंसा से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।

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ऑस्ट्रलियाई प्रधानमंत्री ने कहा ऐसे प्रश्नों को पूछने का उद्देश्य आवेदक के ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों और जिम्मेदारियों की समझ को आंकना है। इस नागरिकता परीक्षा में कोई आवेदक अधिकतम तीन बार फेल हो सकता है। लेकिन फिलहाल परीक्षा को लेकर इस प्रकार की कोई सीमा नहीं है। हालांकि नकल करने वाले आवेदकों को इस टेस्ट में फेल माना जाएगा। 

टर्नबुल ने कहा कि केवल उन लोगों को नागरिकता दी जाएगी जो ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों का समर्थन करेंगे और देश के कानून का सम्मान करेंगे, इसके साथ ही जो बेहतर ऑस्ट्रेलिया के लिए साथ मिलकर योगदान देने के लिए कड़ी मेहनत करना चाहते हैं, उन्हें ही नागरिकता देने के योग्य माना जाएगा। 
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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता हमारी राष्ट्रीय पहचान का केंद्र है। ये हमारे लोकतंत्र की नींव है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा नागरिकता प्रोग्राम हमारे राष्ट्रीय हित में हो। 

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