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इस देश से अब गधे नहीं भेजे जा सकेंगे बाहर
बीबीसी
Updated Thu, 08 Sep 2016 05:06 PM IST
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- फोटो : bbc
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अफ्रीकी देश निजेर ने गधों के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। उसका कहना है कि गधों के व्यापार, खासकर एशियाई देशों को हो रहे निर्यात में तीन गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। यह गधों की संख्या के लिए चेतावनी है। निजेर के कृषि, वित्त और गृह मंत्रालय ने मिलकर गधों के व्यापार पर पाबंदी का फैसला किया है।
एक सरकारी अधिकारी ने बीबीसी से कहा, ''अगर निर्यात जारी रहा तो जानवर खत्म हो जाएंगे।'' चीन गधों की खाल का आयात करने वाला प्रमुख देश है। इस खाल को गलाकर बनाई गई जिलेटिन का इस्तेमाल स्वास्थ्यवर्धक और कामोत्तेजना बढ़ाने वाली दवाओं और एंटी एजिंग क्रीम बनाने में किया जाता है।
अगस्त में निजेर के पड़ोसी देश बुर्किना फासो ने इसी आधार पर गधों की खाल का निर्यात बंद कर दिया था। निजेर के पशु मंत्रालय के मुताबिक इस साल अबतक 80 हजार गधों का निर्यात हुआ है, जबकि पिछले साल 27 हजार गधों का निर्यात हुआ था। निजेर की सरकार ने देश में गधों के काटे जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
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राजधानी नियामे में मौजूद बीबीसी संवाददाता बारो अर्जिका के मुताबिक गधों का व्यापार फायदे का सौदा बन गया है। पशु व्यापारी इसके लिए अन्य पशुओं का व्यापार छोड़ रहे हैं। निजेर में एक गधे की कीमत सौ से 145 डॉलर के बीच है, जो कि कुछ समय पहले तक 34 डॉलर तक होती थी।
गधे की खाल की कीमत में कुछ इसी तरह का उछाल बुर्किना फासो में देखने को मिला था, जहां कुछ साल पहले तक चार डॉलर में बिकने वाली गधे की खाल अब 50 डॉलर में बिक रही है।
इन दोनों देशों में गधे का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाता है। कुछ समुदायों में इसका मांस भी खाया जाता है।
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एक सरकारी अधिकारी ने बीबीसी से कहा, ''अगर निर्यात जारी रहा तो जानवर खत्म हो जाएंगे।'' चीन गधों की खाल का आयात करने वाला प्रमुख देश है। इस खाल को गलाकर बनाई गई जिलेटिन का इस्तेमाल स्वास्थ्यवर्धक और कामोत्तेजना बढ़ाने वाली दवाओं और एंटी एजिंग क्रीम बनाने में किया जाता है।
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अगस्त में निजेर के पड़ोसी देश बुर्किना फासो ने इसी आधार पर गधों की खाल का निर्यात बंद कर दिया था। निजेर के पशु मंत्रालय के मुताबिक इस साल अबतक 80 हजार गधों का निर्यात हुआ है, जबकि पिछले साल 27 हजार गधों का निर्यात हुआ था। निजेर की सरकार ने देश में गधों के काटे जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
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राजधानी नियामे में मौजूद बीबीसी संवाददाता बारो अर्जिका के मुताबिक गधों का व्यापार फायदे का सौदा बन गया है। पशु व्यापारी इसके लिए अन्य पशुओं का व्यापार छोड़ रहे हैं। निजेर में एक गधे की कीमत सौ से 145 डॉलर के बीच है, जो कि कुछ समय पहले तक 34 डॉलर तक होती थी।
गधे की खाल की कीमत में कुछ इसी तरह का उछाल बुर्किना फासो में देखने को मिला था, जहां कुछ साल पहले तक चार डॉलर में बिकने वाली गधे की खाल अब 50 डॉलर में बिक रही है।
इन दोनों देशों में गधे का इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाता है। कुछ समुदायों में इसका मांस भी खाया जाता है।