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अफगानिस्तान: सिख-हिंदू समुदाय के काफिले पर आत्मघाती हमले में 19 की मौत, पीएम ने की निंदा

Mon, 02 Jul 2018 04:33 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 02 Jul 2018 04:33 AM IST
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Afghanistan: Sikhs & Hindus targeted in suicide bombing in Jalalabad of eastern Nangarhar province

राष्ट्रपति अशरफ गनी के दौरे के ठीक बाद रविवार को पूर्वी अफगानिस्तान के नांगरहार राज्य की राजधानी जलालाबाद में सिख अल्पसंख्यकों के एक वाहन पर आत्मघाती हमलावर के बम फोड़ देने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जिनमें स्थानीय सिख व हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के 17 लोग शामिल हैं। मृतकों में सिख समुदाय के एक शीर्ष राजनीतिक नेता भी शामिल हैं। 20 घायलों में भी अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के ही हैं। हालांकि काबुल स्थित भारतीय दूतावास ने 10 सिख अल्पसंख्यकों की ही मौत की पुष्टि की है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए मृतकों के परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'हम रविवार को अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। यह अफगानिस्तान की बहुसांस्कृतिक संरचना पर हमला है। शोकग्रस्त परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमले में घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं। अफगानिस्तान के इस दुख भरे क्षण में भारत उसके सहयोग के लिए तैयार है।' विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी कड़ी निंदा की है।
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ये धमाका शहर के मध्य में राज्य के गवर्नर के आवास से थोड़ी दूर स्थित एक बाजार मुखाबेरात स्कवॉयर में हुआ, जहां अधिकतर अफगानी अल्पसंख्यक सिखों व हिंदुओं की दुकानें हैं। गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्ला खोगयानी ने बताया कि बम इतना शक्तिशाली था कि धमाके में चारों तरफ की दुकानें व मकान ध्वस्त हो गए। 
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राज्य के पुलिस चीफ गुलाम सनायी स्तेनकजाई ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने राष्ट्रपति से मिलने जा रहे सिख अल्पसंख्यकों के वाहन को निशाना बनाया। धमाके की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन जलालाबाद में पिछले कुछ सालों के दौरान इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकियों की उपस्थिति बढ़ी है। 

चुनाव लड़ने जा रहे सिख उम्मीदवार थे निशाना
माना जा रहा है कि इस हमले में आगामी अक्तूबर में होने जा रहे देश के संसदीय चुनावों में उतरने की घोषणा कर चुके सिख समुदाय के नेता अवतार सिंह खालसा मुख्य निशाना थे, जिनकी धमाके में मौत हो गई है। घायलों में शामिल अवतार सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने भी मीडिया से बातचीत में अपने वाहन को निशाना बनाए जाने की बात स्वीकारी है। राज्य चिकित्सा विभाग के प्रवक्ता इनामुल्लाह मियाखेल ने बताया कि घायलों का जलालाबाद के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बता दें कि अफगानिस्तान में सिख-हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए संसद में एक सीट आरक्षित है।

बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि राष्ट्रपति के दौरे के लिए शहर में यातायात को ब्लॉक नहीं किया गया था। राष्ट्रपति के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गनी एक अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए रविवार की सुबह जलालाबाद पहुंचे थे। ये उनके इस राज्य के दो दिवसीय दौरे के कार्यक्रम का एक हिस्सा था और धमाके के दौरान भी वे नांगरहार राज्य में ही मौजूद थे। लेकिन धमाके के समय वे खतरे से बेहद दूर थे।

सीजफायर के बाद कार्रवाई के आदेश देते ही हमला

Afghanistan: Sikhs & Hindus targeted in suicide bombing in Jalalabad of eastern Nangarhar province

बता दें कि ये हमला राष्ट्रपति के उस आदेश के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने शनिवार को रमजान के दौरान सरकार की तरफ से घोषित किया गया सीजफायर खत्म हो जाने के कारण अफगान सुरक्षा बलों को तालिबान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

बता दें कि इस सीजफायर का तालिबान लड़ाकों ने स्वागत किया था और हथियार छोड़कर ईद के समारोह में सैन्य बलों व स्थानीय लोगों के साथ शामिल भी हुए थे। लेकिन आईएस आतंकियों ने इस समझौते को नहीं माना था और ईद के दौरान नांगरहार राज्य में ही समारोह करते लोगों के बीच आत्मघाती हमले कर दर्जनों लोगों को मार दिया था। इसके बाद तालिबान ने भी सीजफायर खत्म करने की घोषणा कर दी थी।

निशाने पर हैं सिख-हिंदू
-80 हजार सिख व हिंदू थे अफगानिस्तान में वर्ष 1970 में
-1000 सिख व हिंदू ही बचे हैं इस समय आतंक पीड़ित देश में
-60 हजार से ज्यादा सिख व हिंदू ले चुके हैं भारत में शरण अब तक, अन्य मारे गए या धर्म परिवर्तन करना पड़ा
-1990 में तालिबान शासन के दौरान सिख-हिंदुओं को पीले आर्मबैंड पहनकर अपनी पहचान दिखानी पड़ती थी

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