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आमदनी अठन्नी घूस दी एक रुपया

Fri, 08 Feb 2013 10:33 AM IST
Updated Fri, 08 Feb 2013 10:33 AM IST
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afghanistan bribes totaled nearly 4 billion dollar

अफगानिस्तान पर जारी की गई संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अफगान लोगों ने रिश्वत देने में अपने देश के साल भर के राजस्व से दोगुना पैसा खर्च किया है।

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ये रकम तकरीबन 4 बिलीयन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि आम लोगों के बीच रिश्वत देने और लेने की प्रवृत्ति को काफी हद तक स्वीकार कर लिया गया है।
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सर्वेक्षण के दौरान लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने माना कि किसी भी सरकारी अधिकारी के लिए रिश्वत लेकर अपनी कमाई बढ़ाना ग़लत नहीं है। इस सर्वेक्षण में 6700 लोगों से बातचीत की गई थी।
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बढो़त्तरी
संयुक्त राष्ट्र और अफगानिस्तान के भ्रष्टाचार विरोधी विभाग के अनुसार पिछले साल देश में भ्रष्टाचार विरोधी कार्यों में खर्च किए गए पैसों में पिछले तीन सालों की तुलना में 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

हालांकि अफगानिस्तान सरकार इस सबके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदायों की गतिविधीयों और व्यापारिक समझौतों को दोषी मानती है। पर वो ये भी मानते हैं कि उसके अपने देश के लोगों के बीच भी ये समस्या काफ़ी गहरी होती जा रही है।

बीबीसी संवाददता बिलाल सरवरी के अनुसार इस रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं वो काफी कम हैं। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हालांकि भ्रष्टाचार से लड़ने की दिशा में मामूली प्रगति हुई है, लेकिन बड़े स्तर पर भ्रष्ट्राचार के आंकड़ों में साल 2009 की तुलना में 40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

संयुक्त राष्ट्र के संगठन यूएनओडीसी के प्रतिनिधी जीन ल्यूक लिमाहियो के मुताबिक अफगान लोग जानते हैं कि भ्रष्टाचार का दीमक उनके समाज को चाट रहा है। ल्यूक लिमाहियो के अनुसार इस समस्या से निकलने का समाधान सिर्फ सरकार के भीतर नहीं बल्कि समाज के भीतर ढूंढना जरूरी है।

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हालांकि भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि हुई है और उस पर खर्च किया जाने वाला पैसा भी कई गुना बढ़ गया है लेकिन अच्छी खबर ये है कि रिश्वत देने वाले लोगों की संख्या पहले से कम हो गई है। साल 2009 में जहां 58 प्रतिशत लोग रिश्वत देने को तैयार हो जाते थे वहीं साल 2012 ऐसे लोगों की संख्या 50 प्रतिशत तक रह गई है।


ऐसा कहा जाता कि इस समय रिश्वत के ज्यादा से ज्यादा मामले शिक्षा के क्षेत्र से आता है। यहां छात्रों द्वारा अपने शिक्षकों को घूस दिए जाने के मामले जहां साल 2009 में 16 प्रतिशत तक हुआ करता था वो साल 2012 में 51 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कारगर उपाय करने की बात दोहराई है।

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