दो बीवियों की चाहत ने बना दिया भिखारी
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आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ ईरानी मुद्रा का अवमूल्यन और दूसरी तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई ने वहां की अर्थव्यवस्था को विनाश के कगार पर ला खड़ा किया है।
प्रतिबंधों के लगने से पहले जहाँ एक नान (रोटी) 50 रियाल की मिलती थी, उसकी कीमत अब 1,000 रियाल हो चुकी है। महंगाई की मार रोटी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ईरानी समाज इन प्रतिबंधों के अन्य आयामों से रूबरू है।
दो बीवियों के लिए भीख
इस महंगाई के चलते ईरान के गचसारान शहर में एक व्यक्ति को भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है, लेकिन वह भीख रोटी के लिए नहीं मांगता, बल्कि इसलिए कि दो बीवियां रखना चाहता है।
ईरानी न्यूज एजेंसी फारस ने इस भिखारी के अनोखे अंदाज को "अद्वितीय" कहा है। इस खबर के अनुसार यह व्यक्ति बिना भीख की गुहार लगाए शहर के बाज़ार में एक तख्ती लिए होता है, जिस पर लिखा है "कृपया थोड़ी मदद कीजिए– दो बीवियां रखना चाहता हूँ !" इस्लाम में भीख माँगना यूँ तो हराम करार नहीं है, लेकिन इसे नापसंदीदा जरूर माना गया है।
पुलिस कार्रवाई नहीं
यही नहीं, ईरान में पुलिस भीख मांगने वालों पर सख्ती से कार्रवाई भी करती है, लेकिन इस अनोखे भिखारी पर ईरानी पुलिस कार्रवाई करने में नाकाम रही है।वजह यह है कि एक ओर जहाँ इस्लाम में चार शादियों को धार्मिक मान्यता प्राप्त है,
वहीं दूसरी ओर ईरान की घटती जनसँख्या दर से चिंतित वहां के सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह खामेनई ने लोगों को अधिक संतान पैदा करने की सलाह दी है।
पुलिस इस पसोपेश में है कि यदि वह इस दो शादियों की इच्छा रखने वाले भिखारी को गिरफ़्तार करती है तो धार्मिक मान्यता को ठेस पहुंचेगी और उसका यह कदम सर्वोच्च इस्लामी धर्मगुरु की सलाह की मुखालफत भी करता प्रतीत होगा।