मिस्र: चरमपंथी हमलों में 25 की मौत
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मिस्र के सरकारी टेलीविजन की खबरों के मुताबिक सिनाई प्रायद्वीप के उत्तर में संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों ने एक के बाद एक कई हमले किए हैं जिनमें कम से कम 25 लोग मारे गए हैं। उत्तरी सिनाई की राजधानी अल-अरीश में सैन्य ठिकानों को कार बम और मोर्टार हमलों का निशाना बनाया गया है जहां कई सैनिक मारे गए हैं।
अन्य हमले नजदीकी शहर शेख़ ज़ुवैद और रफा कस्बों में हुए है जिसकी सीमा ग़ज़ा से लगती है। मिस्र के अधिकारियों का कहना है कि अल-अरीश में एक सैन्य ठिकाने के बाहर कार में धमाका किया गया, पुलिस के एक क्लब और कुछ जांच चौकियों पर मोर्टार से गोले दागे गए हैं। अल अहराम अख़बार का कहना है कि इन हमलों में अल-अरीश स्थित उसका दफ़्तर पूरी तरह से तबाह हो गया है।
अब खौफ में मिश्र
वर्ष 2013 में मुस्लिम ब्रदरहुड के राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी को अपदस्थ किया गया था, तभी से उत्तरी सिनाई प्रांत में जेहादी चरमपंथी सुरक्षाबलों को निशाना बनाते रहे हैं। समूचे मिस्र में इस हफ्ते तनाव तब बढ़ गया जब देश में वर्ष 2011 की घटनाओं को वर्षगांठ की शक्ल में याद किया गया और प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। मिस्र में बीते कुछ समय से एक जेहादी समूह चर्चा में रहा है जिसका नाम अंसार बैतुल-मुकद्दस है जिसने सुरक्षा बलों पर कई बार हमले किए हैं।
ये समूह इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट का समर्थन करता है और मिस्र में लोगों से राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी के खिलाफ विद्रोह का आह्वान करता रहा है। मिस्र, गजा से लगने वाली अपनी सीमा पर एक किलोमीटर लंबा बफर जोन बना रहा है जिसका मकसद फलस्तीनी इलाके से सुरंगों के रास्ते होने वाली हथियारों की तस्करी रोकना है।