नेपाल पुलिस की गोलीबारी में चार की मौत, कई घायल
नेपाल के नये संविधान के विरोध में चल रहे मधेसी आंदोलन के 100वें दिन रविवार को पुलिस की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। इसमें पांच वर्ष की एक बच्ची समेत 12 लोग घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने राजविराज, रुपनी और भारदह में अनिश्चितकालीन के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। हालांकि कर्फ्यू के बाद भी लोगों का प्रदर्शन जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सप्तरी जिला के भारदह और रुपनी में शनिवार को पुलिस ने आंदोलनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इसके बाद पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने गोलीबारी शुरू कर दी। फोरम नेपाल के केंद्रीय सदस्य शैलेंद्र प्रसाद साह ने बताया कि पुलिस ने स्थानीय लोगों पर 200 राउंड फायरिंग के साथ ही टीयर गैस के गोले भी छोड़े।
संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा कि आंदोलन को 100 दिन हो चुके हैं, लेकिन आज भी सरकार मधेसियों से वार्ता करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया है। स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के विपी कोइराला के मुताबिक अस्पताल पहुंचाए गए घायलों की स्थिति चिंताजनक है।
हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मजबूरी में उठाया कदम-पुलिस
राजविराज स्थित अस्पताल में रविवार को पुलिस ने स्थानीय लोगों समेत सात चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गीता यादव ने बताया कि पुलिस की इस बर्बरता के खिलाफ अस्पताल में कामकाज स्थगित किया जा रहा है।
नेपाल मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अंजनी झा ने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो हम कड़े कदम उठाने के लिए मजबूत हो जाएंगे।