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अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती बम धमाका, 15 मरे
Updated Wed, 19 Mar 2014 11:32 AM IST
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अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी हिस्से में एक आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 15 लोग मार गए हैं। मरने वालों में महिलाएँ और बच्चे भी हैं। यह जानकारी बीबीसी को अफ़ग़ान अधिकारियों ने दी।
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अफ़ग़ानिस्तान के फरयाब प्रांत के मयमाना शहर में हुए इस धमाके में 27 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी इस प्रांत के गवर्नर मोहम्मदुल्लाह बातश ने दी।
माना जा रहा है कि आत्मघाती हमलावर ने एक व्यस्त बाज़ार के प्रवेश द्वार पर ख़ुद को डेटोनेटर वाले बम से उड़ा दिया। अफ़ग़ानिस्तान में पाँच अप्रैल को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं।
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अभी तक किसी समूह ने इस हमले की जानकारी नहीं ली है। हालांकि तालिबान चरमपंथी और अल-क़ायदा से जुड़ा समूह 'इस्लामी मूवमेंट ऑफ़ उज़्बेकिस्तान' इस अशांत इलाक़े में काफ़ी सक्रिय है।
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बताश ने कहा कि विस्फोट के समय आत्मघाती हमलावर एक तिपहिया मोटरसाइकिल चला रहा था। उन्होंने कहा, "यह एक स्थानीय बाज़ार था। सैकड़ों स्थानीय किसान और ग्रामीण यहाँ अपना सामान बेचने आते हैं। मारे गए और घायल हुए सभी लोग आम नागरिक थे।"
इस घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी सैयद आग़ा ने बीबीसी को बताया, "मैं रोटी ख़रीदने में व्यस्त था तभी मैंने ज़ोर का धमाका सुना। मैंने मृतकों को शव देखे। चारो तरफ़ ख़ून फैला हुआ था।"
चुनाव के लेकर विरोध
अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि चुनाव में 1990 के दशक में हुए गृहयुद्ध में भाग ले चुके पुराने कबायली सरदार और गुरिल्ला समूहों के नेता हिस्सा ले रहे हैं।
तालिबान ने चुनाव में हिस्सा लेने वालों को निशाना बनाने की धमकी दी है। काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता बिलाल सरवरी के अनुसार देश के चुनाव आयोग ने 15 प्रांतों के 396 मतदान केंद्रों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया है।
सबसे अधिक मतदान केंद्र फरयाब प्रांत में ही बंद किए गए हैं। नेटो के नेतृत्व वाली सेना का आख़िरी दस्ता इस साल के अंत तक अफ़ग़ानिस्तान छोड़ देगा। इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा पूरी तरह देश की सेनाओं के हाथ में होगी।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पिछले एक साल में अफ़ग़ानिस्तान में 2,959 आम नागरिक मारे गए हैं और 5,656 नागरिक घायल हुए हैं। इससे पहले के तुलना में मरने वालों और घायलों की संख्या 14 प्रतिशत बढ़ गई है।