ये महोदय पढ़ा रहे थैंक्यू का पाठ
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सोचिए अगर दुनिया में हर व्यक्ति थैंक्यू की चेन चलाने लगे इससे दुनिया में कितना बदलाव आ जाएगा। ऐसी ही एक सोच के साथ स्पेन के जोस लुइस कैंसेरस ने 100थैंक्स नाम से एक मुहिम छेड़ दी है। इस मुहिम में उनका सहारा बनेगा इंटरनेट।
उनकी मुहिम का मोटो है 100 चीजें जो हम सीखते हैं उसके लिए हमें कृतघ्य होना चाहिए और उसके लिए थैंक्स कहने से बेहतर क्या हो सकता है। 100थैंक्स एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां कोई भी यूजर अपने नोट बनाकर उस व्यक्ति को थैंक्स कह सकता है जिसके लिए वह थैंक्स फील करता है।
साथ ही वह इसे सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर भी कर सकता है।यूजर के नोट साइट पर सुरक्षित रहते हैं। जोस बताते हैं कि यह एक नो प्रोफिट वेंचर है और अगर इससे कमाई होने लगती है तो उनकी मुहिम बेकार हो जाएगी।
ऐसे हुई शुरुआत
जोस पेशे से इंडस्ट्रियल इंजीनियर हैं और रिशेसन का शिकार होने से पूर्व मैडरिड में कार्य करते थे। उनकी वेबसाइट अच्छा कारोबार करती थी।लेकिन 1997 के बाद से उनका कारोबार बिखर गया। लेकिन इस दौरान उन्होंने पाया की हमें उन लोगों का शुक्रगुजार होना चाहिए जिनसे हमने कुछ न कुछ सीखा है।
इसकी शुरूआत जोस ने हर रात खुद को ई-मेल भेजने से की जिसमें उनके खुद के क्रियाकलापों का जिक्र रहता था और उनके लिए किसे थैंक्स कहना है। कुछ दिन बाद उन्हें समझ आया कि यह साइकोलॉजिकल थेरेपी का बहुत ही मजबूत जरिया है।
उन्हें लगा इससे अन्य लोग भी लाभांवित और 100थैंक्स मुहिम की शुरूआत हुई।