{"_id":"6375481c805c1a22da44c810","slug":"residents-revolt-over-oppressive-covid-lockdowns-in-china-guangzhou","type":"story","status":"publish","title_hn":"China: चीन में लॉकडाउन की क्रूर नीति के खिलाफ सड़कों पर 'विद्रोह', गुआंग्झाऊ में कोरोना नियंत्रण बैरियर तोड़े","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
China: चीन में लॉकडाउन की क्रूर नीति के खिलाफ सड़कों पर 'विद्रोह', गुआंग्झाऊ में कोरोना नियंत्रण बैरियर तोड़े
Thu, 17 Nov 2022 01:59 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 17 Nov 2022 01:59 AM IST
सार
चीन में किसी भी शहर में कोरोना के दो-चार मामले निकलने पर भी वहां सख्त प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। ग्वांग्झाऊ शहर में पांच नवंबर से लगाए गए लॉकडाउन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।
विज्ञापन
चीन में कोविड लॉकडाउन का विरोध।
- फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बनाई गई शून्य कोविड नीति की क्रूरता के खिलाफ अब लोगों का धैर्य टूटने लगा है। दक्षिणी चीन के ग्वांग्झाऊ शहर में अनिवार्य लॉकडाउन तोड़कर लोग अपने घरों से निकले और नीति के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उनकी पुलिस से जोरदार झड़प भी हुई। वीडियो फुटेज में गुस्साए लोग पुलिस वाहनों को उलटते दिख रहे हैं। कई लोगों ने कोविड नियंत्रण के बैरियर भी तोड़ डाले।
विज्ञापन
बता दें, चीन में किसी भी शहर में कोरोना के दो-चार मामले निकलने पर भी वहां सख्त प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। ग्वांग्झाऊ शहर में 5 नवंबर से लगाए गए लॉकडाउन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुआंग्झाऊ की जनता ने सरकार की क्रूर नीतियों के खिलाफ विद्रोह करते हुए लॉकडाउन का सार्वजनिक रूप से उल्लंघन किया और सड़कों पर उन्होंने खुद को घरों ही ''कैद'' करने के लिए बनाए गए बैरियर को तोड़ डाले।
विज्ञापन
उन्होंने सड़क पर आकर अपने नेता शी जिनपिंग के कोरोना नियमों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। सोशल मीडिया पर साझा इस घटना के वीडियो में भारी भीड़ नजर आ रही है जो लॉकडाउन तोड़ने की आजादी का जश्न मना रही है। उन्होंने शाम को अंधेरा होने के बाद बैरियर को तोड़ दिया। एक वीडियो में तो कोरोना वर्कर पीपीई किट पहनकर बगल में खड़े हैं और बैरियर तोड़ा जा रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिला यह कहते स्पष्ट सुनी जा सकती है कि ''हम लोग विद्रोह कर रहे हैं।'' इन हंगामों के बाद शहर में दंगा निरोधक पुलिस तैनात कर दी गई है।
विज्ञापन
सरकार ने हटाया वीडियो
चीन में इस तरह के प्रदर्शन बेहद ही दुर्लभ घटना माने जाते हैं। हालांकि बाद में सोशल मीडिया से चीन सरकार ने घटना के वीडियो हटा दिए, लेकिन प्रशासन शून्य कोविड नीति को लेकर भारी दबाव में है। ग्वांग्झाऊ शहर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,100 मामले सामने आए हैं।
चीन में संक्रमण प्रसार पर पेइचिंग विश्वविद्यालय में लॉकडाउन
चीनी अधिकारियों ने बुधवार को बीजिंग में पेइचिंग विश्वविद्यालय को कोविड-19 का एक मामला के मिलने के बाद बंद कर दिया। सरकार लॉकडाउन के प्रति बढ़ते सार्वजनिक असंतोष के बावजूद ‘शून्य-कोविड’ दृष्टिकोण पर कायम हैं। विश्वविद्यालय के एक नोटिस में कहा गया है कि छात्रों और शिक्षकों को जब तक आवश्यक नहीं है, तब तक मैदान छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और शुक्रवार तक एक परिसर में कक्षाएं ऑनलाइन कर दी जाएंगी। बीजिंग में पिछले 24 घंटे में 350 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए।
परीक्षण को लेकर अफवाहें
कोविड को लेकर कई अफवाहें भी फैली हुई हैं। ऐसी खबरें भी हैं कि कोविड परीक्षण करने वाली कंपनियां अपने परिणामों में संक्रमण को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही हैं। माना जा रहा है कंपनियां इसके जरिये परीक्षण की अनिवार्यता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही हैं, ताकि अधिक पैसा कमाया जा सके। देश के उत्तरी इलाके में भी कोरोना वायरस से जुड़ी अफवाहों से दबाव बढ़ता दिख रहा है।
दवाओं की जमाखोरी बढ़ी
हालात से घबराए लोगों ने चीनी दवाएं जमा करना शुरू किया है। कहा जा रहा है कि ये देसी दवाएं संक्रमण रोकने में मददगार हैं। लॉकडाउन लगे शहरों में चीजों की आपूर्ति भी लगभग ठप हो गई है। इस तरह की अफवाहों की वजह से दो सप्ताह पहले फॉक्सकॉन के फैक्ट्री परिसर में बड़ी तादाद में लोगों ने हंगामा किया था। इसी के चलते एपल कंपनी के स्मार्टफोन आईफोन की ग्लोबल सप्लाई में दिक्कतें आई थीं।