{"_id":"636819608ed229038703e616","slug":"report-says-former-afghan-president-hamid-karzai-brother-detained-by-taliban","type":"story","status":"publish","title_hn":"Afghanistan: पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के भाई को तालिबान ने हवाई अड्डे से हिरासत में लिया, दुबई जाने से रोका","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Afghanistan: पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के भाई को तालिबान ने हवाई अड्डे से हिरासत में लिया, दुबई जाने से रोका
Mon, 07 Nov 2022 02:29 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, काबुल।
एएनआई, काबुल।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 07 Nov 2022 02:29 AM IST
सार
महमूद करजई दक्षिणी कंधार प्रांत के आधुनिक वाणिज्यिक शहर ऐनो मीना में एक प्रमुख शेयरधारक हैं। पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उन पर ऐनो मीना शहर के निर्माण के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई।
- फोटो : ANI (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के भाई महमूद करजई को काबुल हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया। खामा प्रेस ने रविवार को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि तालिबान की खुफिया सेवा ने उन्हें काबुल हवाई अड्डे से हिरासत में लिया था क्योंकि वह दुबई जाने वाली एरियाना एयरलाइंस की उड़ान में सवार थे।
विज्ञापन
खामा प्रेस के सूत्रों के अनुसार, महमूद करजई की गिरफ्तारी के पीछे उनके भाई हामिद करजई की राजनीतिक टिप्पणी हो सकती है। पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई महिलाओं के अधिकारों पर अंकुश लगाने को लेकर तालिबान सरकार की आलोचना करते रहे हैं और तालिबान से 'समावेशी' सरकार बनाने की मांग करते रहे हैं।
विज्ञापन
खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महमूद करजई दक्षिणी कंधार प्रांत के आधुनिक वाणिज्यिक शहर ऐनो मीना में एक प्रमुख शेयरधारक हैं। पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने उन पर ऐनो मीना शहर के निर्माण के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
सितंबर में, देश में बढ़ती हत्याओं के बीच राष्ट्रीय प्रतिरोधी बलों (NRF) और अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के बीच पंजशीर क्षेत्र में संघर्ष के लिए करजई ने तालिबान की खिंचाई की थी। उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि रक्तपात बंद होना चाहिए। अगस्त में, हामिद करजई ने तालिबान द्वारा लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि इस तरह का कदम देश को और पीछे की ओर धकेल सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि शासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आबादी के सभी वर्ग यह मसहूस करे कि सरकार उनका प्रतिनिधित्व कर रही है।
काबुल में सत्ता में आने के बाद इस्लामी समूह तालीबान ने बुनियादी अधिकारों को गंभीर रूप से प्रतिबंधित करने वाली नीतियां लागू की हैं, विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) के अनुसार, तालिबान ने सभी महिलाओं को सिविल सेवा में नेतृत्व के पदों से बर्खास्त कर दिया और अधिकांश प्रांतों में लड़कियों को माध्यमिक विद्यालय में जाने से रोक दिया।तालिबान का फरमान महिलाओं को यात्रा करने से रोकता है, जब तक कि वह एक पुरुष रिश्तेदार के साथ न हो और महिलाओं को अपने चेहरे को सार्वजनिक रूप से ढंकने को कहा जाता है, जिसमें महिला टीवी न्यूज एंकर भी शामिल हैं।
तालिबान ने सेंसरशिप (राजनीतिक रूप से अस्वीकार्य या सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाली किताबों, फिल्मों, समाचारों आदि के किसी भी हिस्से का दमन या निषेध) की है, सीमित आलोचनात्मक रिपोर्टिंग करने को कहा है और यहां तक की पत्रकारों को पीटा भी है। तालिबानी बलों ने बदला लेने के लिए हत्याओं को अंजाम दिया और पूर्व सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों के कर्मियों के लापता होने को मजबूर किया।