{"_id":"5cdc967abdec22073706c914","slug":"removal-of-countrywide-curfew-in-sri-lanka-two-days-later","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीलंका में देशव्यापी कर्फ्यू दो दिन बाद हटा, मुस्लिम विरोधी दंगों में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
श्रीलंका में देशव्यापी कर्फ्यू दो दिन बाद हटा, मुस्लिम विरोधी दंगों में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार
Thu, 16 May 2019 04:15 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 16 May 2019 04:15 AM IST
विज्ञापन
सांप्रदायिक हिंसा के बाद श्रीलंका में लगा कर्फ्यू हटा (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीलंका के हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। ईस्टर पर हुए सिलसिलेवार आत्मघाती हमलों के बाद मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़की हिंसा के बाद लगाया गया देशव्यापी कर्फ्यू बुधवार सुबह को हटा लिया गया। सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए सोमवार को कर्फ्यू लगाया था। हालांकि संवेदनशील इलाकों में रात 7 बजे से सुबह 4 बजे तक के लिए फिर कर्फ्यू लगा दिया गया। इस बीच पुलिस ने मुस्लिम विरोधी दंगों के लिए 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस मीडिया विभाग के प्रवक्ता रुवान गुनासेकरा ने बताया कि लोगों के आने-जाने और एकत्र होने पर देशभर में लगे प्रतिबंध को हटा लिया गया है। हालांकि उत्तरी-पूर्वी प्रांत और गमपाहा में बुधवार रात 7 बजे से बृहस्पतिवार तड़के चार बजे तक के लिए फिर से कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इन दोनों इलाकों में कर्फ्यू बुधवार सुबह 6 बजे हटा लिया गया था जबकि देश के अन्य हिस्सों पर लगे कर्फ्यू को सुबह 4 बजे उठा लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों तथा अन्य हिस्सों में हालात अब सामान्य हो रहे हैं। मंगलवार रात के बाद से कहीं से भी हिंसा की खबर नहीं है। कर्फ्यू हटने के साथ ही सभी स्कूल-कॉलेज और सरकारी संस्थान पूर्व की भांति खुले।
विज्ञापन
पिछले महीने ईस्टर के मौके पर तीन चर्चों और तीन लग्जरी होटलों पर हुए नौ आत्मघाती हमलों में 258 लोग मारे गए थे और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इन हमलों से नाराज सिंहली समुदाय के लोगों ने कुछ जगहों पर मुस्लिम समुदाय की दुकानों, मस्जिदों को निशाना बनाकर हमला किया। मुस्लिमों का कहना है कि दंगाइयों ने कर्फ्यू के बावजूद उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और आग के हवाले कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान सुरक्षा बल और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। मुस्लिम राजनीतिक दलों का कहना है कि दंगों में एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। ये हमले मुस्लिमों के पवित्र माह रमजान के दौरान हुए। हिंसा को देखते हुए सरकार ने फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर भी रोक लगा दी थी ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
वायुसेना हेलीकॉप्टरों से रखेगी नजर
वायुसेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन गिहान सेनेविरत्ने ने बताया कि गैरकानूनी सभाओं और हिंसा की घटनाओं पर पर नजर रखने के लिए वायुसेना ने हेलीकॉप्टरों की तैनाती की है। ये रात और दिन में आसमान में गश्त लगाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि हमने हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ हवाई फोटोग्राफिक सुबूत जुटाने के कदम भी उठाए हैं और इन सुबूत को कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में इस्तेमाल का निर्देश दिया है।
100 से अधिक संदिग्धों की गिरफ्तारी
पुलिस प्रवक्ता गुनासेकरा ने बताया कि मुस्लिम विरोधी हिंसा के लिए उत्तरी-पश्चिमी प्रांत से 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेश कर इन सभी को 29 मई तक की रिमांड पर लिया गया है। जबकि अन्य संदिग्धों को देश के अन्य हिस्सों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोग सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा की वीडियो फुटेज के आधार पर और गिरफ्तारी की जाएंगी।
हालात नियंत्रण में, विदेशी सेनाओं को बुलाने की जरूरत नहीं
श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता सुमित अटापट्टू ने कहा कि देश में अब हालात नियंत्रण में है। मंगलवार रात के बाद से कहीं से भी हिंसा की खबर नहीं है। ऐसे में देश में अन्य देशों की सेनाओं को यहां बुलाने की कोई जरूरत नहीं है। वित्त मंत्री मंगला समरवीरा ने भी कहा कि अमेरिका या अन्य देशों की सेनाओं को बुलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि देश में आतंकी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए केवल दूसरे देशों की खुफिया विशेषज्ञता की अपील की गई है। आतंकवाद से निपटने में अमेरिकी, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसियों का व्यापक अनुभव है, इसलिए उनकी मदद मांगी गई है।
कैंडी हिंसा में भी शामिल रहे तीन सिंहली बौद्ध कट्टरपंथी गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन सिंहली बौद्ध कट्टरपंथी भी शामिल हैं। इन तीनों पर पिछले साल कैंडी में हुई मुस्लिम विरोधी हिंसा में भी शामिल होने का आरोप है। हाल के वर्षों में बोडो बाला सेना या बुद्धिस्त पॉवर फोर्स को मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा में शामिल पाया गया है।
200 लोग आए और जला दी फैक्टरी
एक मुस्लिम व्यापारी ने बताया कि सोमवार को उसकी फैक्टरी में करीब 200 लोगों की भीड़ जबरन घुस आई और तोड़फोड़ करके आग लगा दी। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर कर्फ्यू लगा था। सेना हथियारों के साथ सड़कों पर गश्त कर रही है लेकिन वे दंगाइयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
दंगों के दौरान मूकदर्शक बने वर्दीधारी व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू
श्रीलंकाई सेना ने एक वीडियो में सैन्य वर्दीधारी व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। वीडियो में कुछ दंगाई मुस्लिमों की दुकानों, वाहनों और मस्जिदों पर हमला कर रहे और वर्दीधारी व्यक्ति दंगाइयों को रोकने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। कोलंबो गैजेट की खबर के अनुसार, सैन्य मुख्यालय ने बताया कि हमने वीडियो को देखा है। इसमें सेना की वर्दी पहने एक व्यक्ति दिख रहा है और वह थम्मोदारा इलाके में मुस्लिमों की संपत्ति पर हमले के दौरान चुपचाप दंगाइयों को देख रहा है। सेना ने कहा कि इस वर्दीधारी व्यक्ति की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है और पता लगाया जा रहा है कि क्या वह सैनिक है या नहीं। यदि वह सैनिक पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्रीलंका में आत्मघाती हमलों का मुख्य आरोपी आदिल था भारतीय एजेंसियों के रडार पर
श्रीलंका में ईस्टर पर हुए आत्मघाती हमलों का मुख्य आरोपी आदिल अमीज भारतीय खुफिया एजेंसियों के रडार पर था। आतंकी गुट आईएसआईएस के संदिग्ध उबैद मिर्जा और कासिम की 2017 में हुई गिरफ्तारी के बाद से वह एजेंसियों की नजर पर था। उबैद और कासिम व्हाट्सएप के जरिए आदिल के संपर्क में थे। दोनों पर अहमदाबाद में लोन वोल्फ हमला करने की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया था। एटीएस ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि ये दोनों पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या करना चाहते थे।