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गिलगित-बाल्टिस्तान में इमरान के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, चुनावों में धांधली को लेकर हिंसक प्रदर्शन

Thu, 26 Nov 2020 12:12 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 26 Nov 2020 12:12 PM IST
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Protest in Gilgit Baltistan: Violent protests continue in Gilgit Baltistan against rigged elections by Imran Khan govt
गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शन - फोटो : ANI

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तान की इमरान सरकार के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इमरान सरकार ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में धांधली की है। 

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प्रदर्शनकारियों ने अपने गुस्से और हताशा को दिखाने के लिए टायर जलाए और सड़कों को जाम कर दिया। दरअसल, हाल ही में हुए चुनावों में इमरान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (पीटीआई) को गिलगित-बाल्टिस्तान की 23 विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर जीत हासिल हुई है और वह सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। 
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प्रदर्शनकारी बोले-न्याय नहीं मिलेगा, तब तक नहीं हटेंगे
वहीं, विपक्ष ने चुनावों को धांधली करार दिया और सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। गौरतलब है कि भारत ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने को लेकर पाकिस्तान के समक्ष अपनी आपत्ति जाहिर की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना हिस्सा बताते हुए, इमरान सरकार द्वारा क्षेत्र में कराए जाने वाले चुनाव को अवैध बताया। 
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पाकिस्तान के विपक्षी दलों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनों में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं दिया जाता। भारत के हिस्सों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे पाकिस्तान के लिए इन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव हमेशा से ही महत्वपूर्ण होते हैं, हालांकि इस बार वह हताश है।   

चीन चाहता है राजनीतिक नियंत्रण, इसलिए हुए चुनाव
दरअसल, पाकिस्तान का खास दोस्त चीन इस इलाके में पूर्ण रूप से राजनीतिक नियंत्रण चाहता है ताकि वह अपने रणनीतिक और महत्वाकांक्षी चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का काम बिना किसी रूकावट के पूरा कर सके। यही वजह है कि चीन के दबाव में झुकते हुए इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांतीय राज्य का दर्जा दिया और यहां चुनाव कराने का एलान किया। 

बताया गया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज दोनों ने हाल के गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों में धांधली के आरोप लगाए हैं। हालांकि, पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में अभी तक विजेता घोषित किया जाना बाकी है।  


सबसे बड़ी पार्टी बन उभर रही पीटीआई
रविवार को हुए सभी 23 निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के पूर्ण लेकिन अनौपचारिक परिणाम से संकेत मिल रहे हैं कि पीटीआई 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है। इसके बाद सात निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिलती दिख रही है। वहीं, डॉन अखबार ने बताया कि पीपीपी ने तीन सीटें जीतीं हैं। पीएमएल-एन को दो और पीटीआई के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही मजलिस वाहदतुल मुस्लीमीन को एक सीट पर जीत मिल रही है।  

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