दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी पहुंचे पीएम मोदी, भारत के लिए अहम है दौरा
- पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच चुके हैं
- सऊदी अरब में होने जा रहा तीसरा फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है
- यह 'व्हाट इज नेक्स्ट फॉर ग्लोबल बिजनेस' की थीम पर आयोजित है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। सोमवार देर रात पीएम मोदी रियाद शहर के किंग सऊद पैलेस पहुंचे। वह एयर इंडिया के विशेष विमान से रियाद के किंग खालिद इंटरनैशनल एयरपोर्ट उतरे जहां गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया। पीएम मोदी सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सौद के आमंत्रण पर पहुंचे हैं।
अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ कई मुद्दों पर विशेष वार्ता करेंगे। मोदी की इस पश्चिम एशियाई देश में यह यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है।
Riyadh: Prime Minister Narendra Modi arrives at King Saud Palace. The Prime Minister is on a two-day visit to Saudi Arabia. pic.twitter.com/VzMNtK18Bq
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 28, 2019
बता दें कि, प्रधानमंत्री सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड की ओर से आज से 31 अक्तूबर के बीच होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कश्मीर को वैश्विक मुद्दा बनाने की पाकिस्तान की कोशिशों और देश में आर्थिक मंदी की आहट के बीच पीएम की सऊदी अरब की इस दूसरी यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सऊदी अरब के रियाद शहर में होने जा रहा तीसरा फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव (एफआईआई) भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें सऊदी के नीति निर्माताओं और दुनियाभर के व्यापारिक प्रतिनिधियों का आमना-सामना होता है।
'व्हाट इज नेक्स्ट फॉर ग्लोबल बिजनेस' की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में सऊदी अरब दुनियाभर में निवेश सहित अपने यहां विकास में विदेशी निवेश की संभावनाएं टटोलता है। मंदी की आहट के बीच भारत के लिए यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है।
सऊदी अरब की अपनी दूसरी यात्रा पर पीएम मोदी ग्लोबल मीट में देश में निवेश और आर्थिक विकास को गति देने की संभावना तलाशेंगे। इसके अलावा कश्मीर के मामले में मुस्लिम देशों में बेहद अहम सऊदी अरब का सार्वजनिक समर्थक हासिल करने का प्रयास करेंगे।
2016 में सऊदी अरब ने पीएम को देश का सर्वोच्च सम्मान दिया था, इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में नजदीकी आने का संकेत मिला था। इसकी पुष्टि तब हुई थी जब सऊदी अरब ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के मामले में पाकिस्तान की मुस्लिम देशों को एकजुट करने की मुहिम से खुद को अलग कर लिया था।