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प्रसार भारती के अध्यक्ष ने की इस पत्रिका के संपादक की खिंचाई, दिया था भारत विरोधी व्याख्यान
Sat, 13 Jul 2019 04:33 PM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 13 Jul 2019 04:33 PM IST
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प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्यप्रकाश (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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भारत विरोधी व्याख्यान देने पर प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्यप्रकाश ने भारत की एक पत्रिका के संपादक की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि संपादक के कई बयान गलत और अधूरे थे। यह व्याख्यान लंदन में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस फॉर मीडिया फ्रीडम में ‘धर्म और मीडिया’ सत्र के दौरान दिया गया था।
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‘कारवां’ पत्रिका के कार्यकारी संपादक विनोद के जोस ने बृहस्पतिवार को सत्र के दौरान दावा किया कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया जा रहा है। अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमले के मीडिया कवरेज के क्लिप दिखाए।
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व्याख्यान के दौरान जोस ने दावा किया कि ‘भारत में सैकड़ों ईसाइयों की हत्या कर दी गई’ और ‘1984 में सिखों के नरसंहार को आरएसएस ने अंजाम दिया।’ उनके व्याख्यान के बाद जब वहां मौजूद लोगों के बीच संवाद सत्र शुरू हुआ तो प्रकाश खड़े हुए और जोस के व्याख्यान की आलोचना की।
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प्रकाश ने कहा कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है बल्कि यह काफी जीवंत भी है। यह दुनिया का सर्वाधिक विविध समाज भी है। भारत में 90 करोड़ मतदाता हैं जिनमें से 60 करोड़ लोगों ने हाल में संपन्न संसदीय चुनावों में मतदान किया था।
प्रसार भारती के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दुनिया के कुछ कार्यकर्ताओं को हाल में भारत के मतदाताओं के चुनावी निर्णय रास नहीं आए और अपनी बातों के लिए उन्होंने इस तरह के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से ब्रिटेन और कनाडा की सरकारों ने किया। उन्होंने कहा, ‘इस तरह के भारत विरोधी व्याख्यान के लिए आयोजकों द्वारा प्लेटफॉर्म मुहैया कराए जाने से मैं दुखी हूं। मेरा मानना है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नीचा दिखाकर कोई लोकतंत्र के हितों का ख्याल रख रहा है।’