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नेपाल में गिरी प्रचंड सरकार: गठबंधन के मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, अब नया गठबंधन डेढ़-डेढ़ साल साझा करेगी सत्ता
Wed, 03 Jul 2024 10:38 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 03 Jul 2024 10:38 PM IST
सार
पड़ोसी देश नेपाल में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड की सरकार गिर गई है। अब नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल के नेता डेढ़-डेढ़ साल सत्ता साझा करेंगे।
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नेपाल में गिरी प्रचंड सरकार, गठबंधन के मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
- फोटो : ANI
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विस्तार
नेपाल में दो दिनों तक चले राजनीतिक ड्रामे के बाद प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार गिर गई है। गठबंधन के मंत्रियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। नेपाली कांग्रेस और सीपीएन यूएमएल की तरफ से मंगलवार को दी गई 24 घंटे की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही दहल के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख सहयोगी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (सीपीएन-यूएमएल) सरकार से बाहर हो गई।
पीएम प्रचंड को मिला था 24 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले पार्टी ने प्रधानमंत्री दहल को पद से हटने के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया था। इस साल 4 मार्च को गठित दहल की कैबिनेट में शामिल सीपीएन-यूएमएल के आठ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के आवास पर बुधवार को इस्तीफा सौंप दिया। बता दें कि कि यूएमएल और नेपाली कांग्रेस ने सोमवार रात को नई सरकार बनाने पर सहमति जताई। ओली डेढ़ साल तक नई 'राष्ट्रीय आम सहमति सरकार' का नेतृत्व करेंगे। शेष कार्यकाल के लिए नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा प्रधानमंत्री होंगे।
नेपाली कांग्रेस 89 सीट के साथ देश की सबसे बड़ी पार्टी
गौरतलब है कि नेपाल की संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के पास 89 सीटें हैं जबकि सीपीएन-यूएमएल के पास 78 सीटें हैं। इस तरह दोनों बड़ी पार्टियों की संयुक्त ताकत 167 हो गई है, जो 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 138 सीटों के बहुमत के लिए पर्याप्त है। बता दें कि नेपाल में पिछले 16 वर्षों में 13 सरकारें बनी हैं।
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विश्वास मत का सामना करेंगे प्रधानमंत्री प्रचंड
मंगलवार को बालूवतार में आयोजित सीपीएन (माओवादी केंद्र) की पदाधिकारियों की बैठक में फैसला किया गया था कि प्रधानमंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि समर्थन वापस लेने के 30 दिनों के भीतर संसद में विश्वास मत का सामना करेंगे। बुधवार को नेपाली कांग्रेस ने नए गठबंधन के गठन पर सीपीएन-यूएमएल के साथ हुए समझौते का औपचारिक रूप से समर्थन किया।
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पीएम प्रचंड को मिला था 24 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले पार्टी ने प्रधानमंत्री दहल को पद से हटने के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया था। इस साल 4 मार्च को गठित दहल की कैबिनेट में शामिल सीपीएन-यूएमएल के आठ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के आवास पर बुधवार को इस्तीफा सौंप दिया। बता दें कि कि यूएमएल और नेपाली कांग्रेस ने सोमवार रात को नई सरकार बनाने पर सहमति जताई। ओली डेढ़ साल तक नई 'राष्ट्रीय आम सहमति सरकार' का नेतृत्व करेंगे। शेष कार्यकाल के लिए नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा प्रधानमंत्री होंगे।
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नेपाली कांग्रेस 89 सीट के साथ देश की सबसे बड़ी पार्टी
गौरतलब है कि नेपाल की संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के पास 89 सीटें हैं जबकि सीपीएन-यूएमएल के पास 78 सीटें हैं। इस तरह दोनों बड़ी पार्टियों की संयुक्त ताकत 167 हो गई है, जो 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 138 सीटों के बहुमत के लिए पर्याप्त है। बता दें कि नेपाल में पिछले 16 वर्षों में 13 सरकारें बनी हैं।
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विश्वास मत का सामना करेंगे प्रधानमंत्री प्रचंड
मंगलवार को बालूवतार में आयोजित सीपीएन (माओवादी केंद्र) की पदाधिकारियों की बैठक में फैसला किया गया था कि प्रधानमंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि समर्थन वापस लेने के 30 दिनों के भीतर संसद में विश्वास मत का सामना करेंगे। बुधवार को नेपाली कांग्रेस ने नए गठबंधन के गठन पर सीपीएन-यूएमएल के साथ हुए समझौते का औपचारिक रूप से समर्थन किया।