फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   PM Netanyahu and his two advisors caught in a scam? Accused of promoting Qatar for money, investigation begins

Israel: पीएम नेतन्याहू और उनके दो सलाहकार घोटाले में फंसे? पैसे लेकर कतर का प्रचार कराने का आरोप, जांच शुरू

Thu, 03 Apr 2025 11:43 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: बशु जैन Updated Thu, 03 Apr 2025 11:43 AM IST
सार

कतर को हमास का समर्थक माना जाता है। इस्राइल में कतर को लेकर विरोध है। वह इस्राइल-हमास युद्ध विराम में प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अब पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगा है कि उनके दो सलाहकारों ने पैसे लेकर इस्राइल में कतर के समर्थन में अभियान चलाया।

विज्ञापन
PM Netanyahu and his two advisors caught in a scam? Accused of promoting Qatar for money, investigation begins
बेंजामिन नेतन्याहू - फोटो : एएनआई

विस्तार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके दो सलाहकार एक नए घोटाले में फंस गए हैं। नेतन्याहू और उनके सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर इस्राइल में कतर की छवि को सुधारने का काम किया है। पुलिस दोनों सलाहकारों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच चल रही है। वहीं मामला सामने आने के बाद नेतन्याहू से पुलिस ने पूछताछ की। नेतन्याहू का कहना है कि आरोप निराधार हैं और इसका उद्देश्य उनके शासन को खत्म करना है।
विज्ञापन


कतर को कई लोग हमास का संरक्षक मानते हैं। वहीं कतर का इस्राइल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है। साथ ही इन दिनों कतर युद्ध विराम वार्ता में प्रमुख भूमिका निभा रहा है। नेतन्याहू के आलोचकों का कहना है कि पीएम नेतन्याहू ने इस्राइल की राज्य संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है। इस्राइन के लोग कतर को पसंद नहीं करते हैं। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: भारतवंशी सांसदों ने ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को बताया आत्मघाती, बोले- अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खतरा
विज्ञापन
विज्ञापन


यह लगे आरोप
नेतन्याहू पर आरोप है कि उन्होंने दो करीबी सलाहकार जोनाथन उरीच और पूर्व प्रवक्ता एली फेल्डस्टीन को इस्राइलियों के बीच कतर की छवि सुधारने के लिए एक जनसंपर्क अभियान चलाने के लिए काम पर रखा गया था। दोनों को कथित तौर पर एक अमेरिकी लॉबिस्ट के माध्यम से भुगतान किया था। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी लॉबिस्ट और उरीच ने कतर को सकारात्मक रूप से बढ़ावा देने और मिस्र के बारे में नकारात्मक संदेश फैलाने के लिए व्यावसायिक संबंध बनाया। वहीं फेल्डस्टीन को पत्रकारों को यह संदेश देने के लिए पैसे दिए गए थे। 

इस्राइली मीडिया के अनुसार फेल्डस्टीन और उरीच पर विदेशी एजेंट से संपर्क, मनी लॉन्ड्रिंग, रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लग सकते हैं। पुलिस ने इस मामले में एक इस्राइली पत्रकार ज़्विका क्लेन से भी पूछताछ की है। दैनिक जेरूसलम पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार क्लेन ने पिछले साल कतर की सरकार के निमंत्रण पर कतर का दौरा किया था और उसके बाद अपने अनुभवों के बारे में कई लेख लिखे थे, जिनमें से एक लेख में कतर के इस दावे के खिलाफ़ मामला पेश किया गया था कि वह हमास समूह का समर्थन करता है। 

ये भी पढ़ें: अमेरिका में भारतीय युवक को 35 साल जेल की सजा, सोशल मीडिया एप के जरिए करता था बच्चों का यौन शोषण

नेतन्याहू ने जांच को बताया गलत
नेतन्याहू ने जांच को राजनीतिक रूप से गलत बताया और पुलिस पर उनके सलाहकारों को बंधक बनाने का आरोप लगाया। वहीं मंगलवार को एक न्यायाधीश ने उरीच और फेल्डस्टीन की नजरबंदी बढ़ा दी। दोनों को एक जर्मन टैब्लॉइड को जानकारी लीक करने से जुड़े एक अलग मामले में भी दोषी ठहराया गया है। यदि नए आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह पीएम कार्यालय का दुरुपयोग माना जाएगा।  इस्राइली सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले टॉमर नाओर ने कहा कि विशेष रूप से चिंताजनक बात यह है कि बाहरी लोगों ने कितनी आसानी से प्रधानमंत्री के आंतरिक घेरे तक पहुंच बना ली है और सलाहकारों ने कथित तौर पर पत्रकारों के सामने कतर के मुद्दों को बढ़ावा दिया।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed