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इटली: जी-20 के रोम घोषणापत्र में भारत के सतत विकास के मंत्र को मिली जगह, मोदी ने विकसित देशों को दीं ये बड़ी नसीहतें

Mon, 01 Nov 2021 08:39 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई,रोम
पीटीआई,रोम Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 01 Nov 2021 08:39 AM IST
सार

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित देशों को विकासशील देशों में हरित परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) का कम से कम एक प्रतिशत प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

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PM Narendra modi says Developed nations should set a target of providing at least 1 per cent of GDP to finance green projects in developing world
पीएम मोदी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रोम में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा कीं। उन्होंने विकसित देशों को पर्यावरण की रक्षा और हरित परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए कई मंत्र भी दिए। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित देशों को विकासशील देशों में हरित परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) का कम से कम एक प्रतिशत प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत जलवायु वित्त की उपेक्षा को नजरअंदाज नहीं कर सकता है और इस पर ठोस प्रगति के बिना विकासशील देशों पर जलवायु कार्रवाई के लिए दबाव डालना न्याय नहीं था।

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जलवायु न्याय को भूलकर हम मानवता के साथ विश्वासघात कर रहे
'जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण' पर जी20 शिखर सम्मेलन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि जलवायु न्याय को भूलकर हम न केवल विकासशील देशों के साथ अन्याय कर रहे हैं, बल्कि हम पूरी मानवता के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकासशील देशों की मुखर आवाज के रूप में, भारत विकसित देशों द्वारा जलवायु वित्त की उपेक्षा को नजरअंदाज नहीं कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि विकसित देशों को विकासशील देशों में हरित परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम 1 प्रतिशत प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।
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पीएम मोदी ने दिए ये तीन मंत्र
सत्र में पीएम मोदी ने जी -20 भागीदारों के सामने तीन कार्रवाई योग्य बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि जी-20 देशों को एक 'स्वच्छ ऊर्जा परियोजना कोष' बनाना चाहिए जिसका उपयोग उन देशों में किया जा सकता है जहां इसकी कमी है। जी-20 देशों में स्वच्छ-ऊर्जा अनुसंधान संस्थानों का एक नेटवर्क बनाना चाहिए। इसके अलावा जी-20 देशों को हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में वैश्विक मानक बनाने के लिए एक संगठन बनाना चाहिए, ताकि इसके उत्पादन और उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके।
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भारत इन सभी प्रयासों में अपना पूरा योगदान देगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत भी इन सभी प्रयासों में अपना पूरा योगदान देगा। मोदी ने यह भी कहा कि भारत जलवायु शमन के इस मुद्दे पर महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। जब हमने पेरिस में अपने लक्ष्यों की घोषणा की, तो कई लोगों ने पूछा कि क्या भारत 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा जैसा कुछ करने में सक्षम होगा। लेकिन भारत न केवल तेजी से इन लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है बल्कि उच्च लक्ष्य निर्धारित करने में भी व्यस्त है। 


भारत ने 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि के पुनर्वास का लक्ष्य रखा
पीएम मोदी ने कहा कि अपनी पेरिस प्रतिबद्धताओं से आगे बढ़ते हुए, भारत ने 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि के पुनर्वास का लक्ष्य रखा है और भारतीय रेलवे, दुनिया का सबसे बड़ा यात्री वाहक, जो हर साल औसतन 8 बिलियन यात्रियों की सेवा करता है, ने साल 2030 तक 'नेट जीरो कार्बन' का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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