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वैश्विक सत्र में बोले पीएम मोदी, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक कदम उठाए
Tue, 24 Sep 2019 06:40 AM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Tue, 24 Sep 2019 06:40 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ट्विटर
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संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य कवरेज पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व कल्याण की शुरुआत जनकल्याण से होती है और स्वास्थ्य उसकी महत्वपूर्ण इकाई है। इसलिए, यह विषय भारत के लिए बहुत बड़ी प्राथमिकता है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने योग, आयुर्वेद और फिटनेस पर विशेष बल दिया है। हम सवा लाख से अधिक वेलनेस सेंटर बना रहे हैं। इससे खराब जीवनशैली के चलते होने वाली डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन आदि बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
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इम्यूनाइजेशन पर भी हमारा विशेष जोर है। नई वैक्सीनों को जोड़ने के साथ, हमने दूरदराज के इलाकों में उपलब्धता को भी सुधारा है। हमारे क्लीन इंडिया मिशन ने लाखों जिंदगियां बचाने में योगदान दिया है।
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उन्होंने कहा, हमने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को लागू किया है। इसके तहत, पांच करोड़ गरीबों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। पिछले सिर्फ एक साल में में 45 लाख लोगों ने इसका लाभ उठाया है।
हमने पांच हजार से अधिक स्पेशल फार्मेसी शुरू की हैं, जहां 800 से अधिक अहम दवाइयां सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमने भारत में क्वालिटी मेडिकल एजुकेशन के लिए, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। पूरे सेक्टर में हमने आमूलचूल सुधार किए हैं।
प्रदानमंत्री मोदी ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों में टीबी की बीमारी को 2030 तक समाप्त करने का लक्ष्य है। भारत में हमने मिशन मोड में लक्ष्य रखा है 2025 का और मुझे पूरा विश्वास है कि हम यह लक्ष्य प्राप्त भी करेंगे।