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पेगासस स्पाइवेयर: फ्रांस के राष्ट्रपति ने बदला अपना मोबाइल और नंबर, सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव के दिए आदेश

Fri, 23 Jul 2021 02:39 PM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, पेरिस Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 23 Jul 2021 02:39 PM IST
सार

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पेगासस नामक इस्रायल निर्मित स्पाइवेयर से निशाना बनाए जाने की खबरों के मद्देनजर अपना मोबाइल और नंबर बदल लिया है।

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Pegasus spyware President of France changed his mobile handset and number ordered changes in security protocols
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पेगासस स्पाइवेयर जासूसी कांड को लेकर फ्रांस से एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फोन पर भी पेगासस स्पाइवेयर का हमला हुआ है, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव के आदेश दिए गए हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पेगासस नामक इस्रायल निर्मित स्पाइवेयर से निशाना बनाए जाने के बाद अपना मोबाइल और नंबर बदल लिया है।

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मोरक्को से भी जुड़े हैं पेगासस के तार?
एक फ्रांसीसी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मोरक्को की ओर से कथित तौर पर कुछ लोगों पर निगरानी रखी जा रही थी। इस निगरानी में इमैनुएल मैक्रों के साथ फ्रांस के 14 और मंत्रियों को भी निशना बनाया गया था। हालांकि, मोरक्को के अधिकारियों ने पेगासस के इस्तेमाल से इनकार किया है। उनका कहना है कि फ्रांस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार और झूठे हैं। 
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2016 से निशाने पर थे फ्रांसीसी राष्ट्रपति 
अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि पेगासस स्पाइवेयर कभी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फोन पर इंस्टॉल किया गया था या नहीं। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका मोबाइल नंबर 2016 से ही पेगासस को बनाने वाले एनएसओ ग्रुप के ग्राहकों द्वारा 50 हजार लोगों की टारगेट लिस्ट में से एक था। 
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हंगरी, इस्रायल और अल्जीरिया ने भी शुरू की जांच 
रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस सहित दुनिया के कई देशों के पत्रकारों, अधिकारियों और नेताओं को टारगेट किया गया था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लिस्ट में से कितने फोन हैक किए गए। इस मामले को लेकर हंगरी, इस्रायल और अल्जीरिया के अधिकारियों ने भी जांच शुरू कर दी है, ताकि पता लगाया जा सके कि कोई अपराध हुआ था या नहीं।
 
 पेगासस से जुड़ी कंपनी का बयान
पेगासस स्पाइवेयर से जुड़ी कंपनी एनएसओ ग्रुप ने जासूसी मामले को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। ग्रुप ने कहा है कि यह सॉफ्टवेयर अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए है। यह साफ्टवेयर सिर्फ बेहतर मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देशों के सैन्य, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है। 

 
क्या है पेगासस स्पाइवेयर?
आपको बता दें कि स्पाइवेयर के जरिये मोबाइल डिवाइस को हैक करके लोगों के मेसेज, फोटो और ईमेल को देखा जा सकता है। स्पाइवेयर के जरिये कॉल को रिकॉर्ड किया जा सकता है और माइक्रोफोन और कैमरों को एक्टिव भी किया जा सकता है। पेगासस इसी तरह का एक स्पाइवेयर है। पेगासस स्पाइवेयर को इजराइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने बनाया है।

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