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पाकिस्तानी प्रेस: 'ताकतवर इंसान का भी हिसाब हो सकता है

Sun, 30 Jul 2017 03:37 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Sun, 30 Jul 2017 03:37 PM IST
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Pakistani press: 'Powerful person can also be accounted
नवाज़ शरीफ़
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला पूरे हफ़्ते छाया रहा। पाकिस्तान के अख़बारों में पनामा लीक्स की ख़बरों पूरे हफ्ते बनी रहीं। भ्रष्टाचार से जुड़े पनामा लीक्स मामले की जांच के लिए पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेआईटी यानी संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया था। जेआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। शुक्रवार को अदालत ने अपना फ़ैसला सुना दिया है।
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पांच जजों की पीठ ने एकमत फ़ैसला सुनाते हुए नवाज़ शरीफ़ की संसद सदस्यता को तत्काल प्रभाव से ख़त्म करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केवल उनकी सदस्यता ख़त्म कर दी बल्कि ख़ुद नवाज़ शरीफ़, उनके दोनों बेटों, उनकी बेटी और दामाद समेत वित्त मंत्री इस्हाक़ डार के ख़िलाफ़ छह हफ़्तों के अंदर मुक़दमा दर्ज करने का भी आदेश दिया।
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अदालत के आदेश पर चुनाव आयोग ने फ़ौरन ही उनकी सदस्यता ख़त्म करने का नोटिफ़िकेशन जारी कर दिया। उसके बाद नवाज़ शरीफ़ ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया।
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अख़बार जंग ने सुर्ख़ी लगाई है, ''दुबई की तनख़्वाह छुपाने पर प्रधानमंत्री अयोग्य ठहराए गए।'' अख़बार के मुताबिक़, अदालत ने नवाज़ शरीफ़ को दुबई की एक कंपनी एफ़ज़ेडई में नौकरी के दौरान होने वाली आमदनी को छुपाने का मुजरिम पाया है।


अदालत के मुताबिक़, नवाज़ शरीफ़ ने 2013 में हुए संसदीय चुनाव के दौरान जो हलफ़नामा दायर किया था उसमें इस आमदनी का ज़िक्र नहीं किया था। अदालत ने उन्हें झूठा हलफ़नामा देने का दोषी पाया और उनकी सदस्यता ख़त्म करने का आदेश दे दिया। नवाज़ शरीफ़ ने अदालती फ़ैसला पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, ''काश कोई प्रधानमंत्री तो अपना कार्यकाल पूरा करे।''

 

Pakistani press: 'Powerful person can also be accounted
दुबई की तनख़्वाह छुपाने पर प्रधानमंत्री अयोग्य ठहराए गए
अख़बार के मुताबिक़, नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग(नून) के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में नवाज़ शरीफ़ ने अपने छोटे भाई और फ़िलहाल पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को प्रधानमंत्री बनाए जाने का सुझाव दिया, जिसे वहां मौजूद सभी नेताओं ने फ़ौरन स्वीकार कर लिया। अख़बार के अनुसार, जब तक शहबाज़ शरीफ़ संसद के सदस्य नहीं बन जाते, तब तक पूर्व मंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी को प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा।


पाकिस्तान के संविधान के अनुसार, बिना संसद का सदस्य हुए कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं हो सकता है। नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ ने अदालत के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की है। अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार- उनका कहना था, ''एक और निर्वाचित प्रधानमंत्री को घर भेज दिया गया। नवाज़ शरीफ़ को रोका नहीं जा सकता। जल्द ही भरपूर बहुमत से वापस लौटेंगे।''


विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के नेता इमरान ख़ान ने अदालत के फ़ैसले की जमकर तारीफ़ करते हुए कहा, ''अदालत के फ़ैसले ने साबित कर दिया है कि ताक़तवर इंसान का भी हिसाब हो सकता है।'' अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी का इज़हार किया है।


अख़बार के अनुसार- बिलावल भुट्टो का कहना था, सुप्रीम कोर्ट का पनामा केस पर फ़ैसला भ्रष्टाचार ख़त्म करने में अहम साबित होगा। अख़बार 'दुनिया' ने अपने संपादकीय में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को ऐतिहासिक क़रार दिया है। अख़बार लिखता है कि दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री विंसटन चर्चिल ने कहा था कि जबतक ब्रितानी अदालतें इंसाफ़ करती रहेंगी, ब्रिटेन को कोई नहीं हरा सकता है।


अख़बार के अनुसार, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद पाकिस्तान की जनता भी अपनी न्यायपालिका पर उतना ही गर्व कर सकती है जितना 80 साल पहले चर्चिल को ब्रितानी न्यायपालिका पर था।
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