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मुंबई हमलों के अभियुक्त की पहचान हुई

Sun, 14 Apr 2013 06:49 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Sun, 14 Apr 2013 06:49 PM IST
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witness identified accused of mumbai attacks

पाकिस्तान में एक गवाह ने साल 2008 के मुंबई हमलों में शामिल सात लोगों में से एक की पहचान कर ली है। इस व्यक्ति की पहचान हमले में शामिल चरमपंथियों के लिए नाव खरीदने वाले के रूप में की गई है।

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बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक को अभियोजकों ने बताया कि रावलपिंडी की आडियाला जेल में न्यायाधीश चौधरी हबीब-उर-रहमान की विशेष अदालत के समक्ष बंद कमरे में हुई सुनवाई में एक गवाह ने अभियुक्त शाहिद जमील रियाज की पहचान की है।
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शहज़ाद मलिक के मुताबिक गवाह ने न्यायाधीश को बताया कि रियाज और 10 अन्य लोगों ने मछली पकड़ने की बात कहकर 11 नौकाएं खरीदी थीं।

गवाह ने न्यायाधीश को यह भी बताया कि उन्होंने इन लोगों को कभी समुद्र से मछली के साथ लौटते हुए नहीं देखा था।

सुनवाई के दौरान कुल चार गवाहों से जिरह की गई। एक अन्य गवाह ने न्यायाधीश को बताया कि उसने अभियुक्त को 1।6 लाख रुपए में यामाहा बोट इंजन बेचा था जबकि दूसरे गवाह ने बताया कि उसने अभियुक्त को छह पंप बेचे थे।
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साज़िश में शामिल
गवाहों ने अमजद खान और अतीकुर रहमान सहित 10 लोगों की पहचान की है। ये सभी कथित तौर पर 26 नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमले की साजिश और उसके क्रियान्वयन में शामिल थे।

पाकिस्तान की आतंकवाद-निरोधी अदालत ने इन 10 लोगों को पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा है।

मुख्य अभियोजक चौधरी जुल्फिकार अली का कहना था, ‘‘10 भगोड़े अपराधी मुंबई हमले को अंजाम देने के अभियुक्तों के प्रशिक्षक या फिर सहायक थे।’’

अदालत को एक गवाह ने बताया कि अमजद खान अल-हुसैनी नामक नौका के लिए उसने बंदरगाह के उपयोग की इजाज़त ली थी।

मुख्य अभियोजक जुल्फिकार अली ने चारों निजी गवाहों की पहचान हम्जा बिन तारिक, मोहम्मद अली, मोहम्मद सैफुल्ला खान और उमर दराज खान के तौर पर की है। सभी गवाह कराची के रहने वाले हैं।

अदालत में इस सुनवाई के दौरान मुंबई हमले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली संघीय जांच एजेंसी के अतिरिक्त निदेशक अल्ताफ हुसैन भी मौजूद थे लेकिन उनकी गवाही नहीं हो सकी।


बचाव पक्ष ने मांग की कि निजी गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद हुसैन का बयान दर्ज किया जाए।

अभियोजकों ने बताया कि बचाव पक्ष के मुख्य वकील की अनुपस्थिति के कारण चारों निजी गवाहों से जिरह नहीं हो सकी जिसकी वजह से मामले की सुनवाई को 27 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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