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पाकिस्तान: नवाज शरीफ या मुशर्रफ, किस पर करें यकीन

Thu, 10 Dec 2015 07:53 AM IST
Updated Thu, 10 Dec 2015 07:53 AM IST
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whom to trust in nawaz sharif and musharraf

पाकिस्तान में दो बड़ी सियासी शख्सियतों ने चरमपंथ पर अलग-अलग बयान दिए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक तरफ जहां चरमपंथियों को अपना दुश्मन बता रहे हैं तो दूसरी तरफ पूर्व राष्ट्रपति जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ ने उन्हें फ्रीडम फाइटर करार दिया है।

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इस्लामाबाद में चल रहे 'हार्ट ऑफ एशिया' मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि पाकिस्तान किसी भी चरमपंथी संगठन का साथ नहीं देगा।
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उन्होंने ये बात बुधवार को अफगानिस्तान के मुद्दे पर 'हार्ट ऑफ एशिया' मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन पर कही। नवाज शरीफ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं।

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चरमपंथियों में पाकिस्तान में मिलती है शरण

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अफगानिस्तान का आरोप है कि उसके यहां सक्रिय कई चरमपंथियों को पाकिस्तान में शरण मिलती है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक और ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में लड़ने वाले दहशतगर्द नहीं बल्कि मुजाहिदीन हैं।

कराची में बीबीसी उर्दू को दिए एक खास इंटरव्यू में जनरल मुशर्रफ ने कहा, "हम उन्हें मुजाहिदीन कहते हैं, उन्हें कश्मीर और पाकिस्तान में बड़ी मदद हासिल है।"

उन्होंने आगे कहा, "उन्हें तालिबान या दहशतगर्द नहीं कहते हैं, वे तो हमारे मुजाहिदीन हैं, हमारे फ्रीडम फाइटर हैं।"

पहले भी होते रहे हैं टकराव

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इससे पहले भी सरकार और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होते रहे हैं। नवाज शरीफ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर उनके शपथ ग्रहण समारोह में आए थे, तब भी जनरल मुशर्रफ ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि अगर वो उनकी जगह होते तो कभी नहीं आते।

वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना के जनरल राहील शरीफ का भी मुशर्रफ ने समर्थन किया है। वो सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि राहील शरीफ के कार्यकाल को बढ़ाए जाने की जरूरत है।

अगर ऐसा नहीं हुआ तो भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम पर पानी फिर जाएगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान में जनरल राहील शरीफ ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ कई भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है।

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